मानसून के बादल इन दिनों खूब बरस रहे हैं। इसके कारण जगह-जगह पानी भी भर रहा है। पार्कों और खुली जगहों पर कई दिनों तक पानी जमा रहता है, जिससे वहां मच्छर पैदा हो रहे हैं। मच्छर होने का सीधा मतलब डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां हैं। इस सीजन में बिहार की राजधानी पटना में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है।
पटना में बढ़े डेंगू के मरीज (फोटो - AI)
मंगलवार 19 अगस्त को ही पटना में डेंगू के 15 नए मामले सामने आए। आज सुबह तक पिछले 48 घंटों में कुल 28 पीड़ित मिले हैं, जबकि अगस्त के पहले 20 दिनों में 86 मामले दर्ज किए गए हैं। जनवरी से अब तक 150 से अधिक मरीजों की पहचान की गई है।
इन इलाकों में डेंगू का प्रकोप ज्यादा
सिविल सर्जन कार्यालय के अनुसार, जलजमाव से प्रभावित क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप ज्यादा है, जैसे कंकड़बाग, पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर, जगनपुरा, पटना सिटी, बोरिंग रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, दीघा, गोला रोड, रूपसपुर, फुलवारीशरीफ और दानापुर। ये वही मोहल्ले हैं जो पिछले वर्ष भी डेंगू से प्रभावित रहे थे।
इस बार डेंगू का ज्यादा प्रकोप रहने की आशंका
पटना के विभिन्न अस्पतालों में डेंगू और डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज लगातार आ रहे हैं। आईजीआईएमएस में चार मरीज भर्ती हैं, जबकि अन्य निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मामले मिल रहे हैं। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में पानी जमा न होने दें और एंटी लार्वा का छिड़काव करवाएं।
डाक्टरों ने इस बार डेंगू के अधिक फैलने की आशंका जताई है, क्योंकि लगातार बारिश और जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे मच्छरों की संख्या बढ़ रही है।
