पटना

बिहार में साइबर ठगी हुई बेलगाम; पढ़े-लिखे लोग भी हो रहे हैं शिकार, जांच तक सीमित पुलिस कार्रवाई

बिहार में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं, जहां शिक्षित और जागरूक लोग भी शातिर ठगों के जाल में फंस रहे हैं। इन घटनाओं से पीड़ित न केवल आर्थिक रूप से तबाह हो रहे हैं, बल्कि मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं। पुलिस की सुस्त कार्रवाई ने पीड़ितों की परेशानियों को और भी ज्यादा बढ़ा दी है।

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बिहार में साइबर धोखाधड़ी में बढ़ोतरी (सांकेतिक फोटो: Canva)

Photo : Times Now Digital

Bihar Cyber Fraud: बिहार में साइबर ठगी की घटनाएं रफ्तार से बढ़ रही हैं। ठगों के निशाने पर अब केवल तकनीकी रूप से कमजोर लोग ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और जागरूक नागरिक भी आ रहे हैं। इन घटनाओं से न सिर्फ लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक तिरस्कार का भी सामना करना पड़ रहा है।

कोमल कुमारी, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, सोशल मीडिया पर वर्क फ्रॉम होम के एक विज्ञापन का शिकार बन गईं। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे 1.2 लाख रुपये गंवा दिए। इतना ही नहीं, इस धोखाधड़ी के बाद उन्हें अपने परिवार और जान-पहचान वालों से मजाक और तानों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास बुरी तरह डगमगा गया है।

एक और मामला विशाल कुमार कश्यप का है, जिन्होंने 7.74 लाख रुपये की साइबर ठगी का सामना किया। उन्होंने इसकी रिपोर्ट पुलिस में की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस की निष्क्रियता ने उनकी हताशा और बढ़ा दी है। भावना नायक भी इस तरह की धोखाधड़ी की शिकार हुई हैं। उन्होंने 2.84 लाख रुपये गंवा दिए और अब वे खुद को ही इसके लिए दोषी मान रही हैं।

उन्हें लगता है कि पुलिस सिर्फ अनुसंधान का आश्वासन देकर समय काट रही है। इन मामलों में एक समान पहलू यह है कि सभी पीड़ितों को सिर्फ जांच जारी है का जवाब मिलता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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