Bihar Elections 2025: कांग्रेस इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कम सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। लेकिन पार्टी ने साफ कहा है कि उसे ऐसी सीटें नहीं दी जानी चाहिए, जहां जीतना मुश्किल हो। कांग्रेस राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को चुनाव प्रचार का मुख्य आधार बना रही है। पार्टी मानती है कि महागठबंधन में नई पार्टियां जुड़ रही हैं, इसलिए सीटों का बंटवारा पिछले चुनाव जैसा नहीं हो सकता।
कम सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी कांग्रेस (फोटो: PTI)
कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के मुताबिक, सभी पार्टियों को कुछ सीटें छोड़नी होंगी। सिर्फ हारी हुई सीटें किसी एक को नहीं मिलनी चाहिए, जीतने वाली सीटों का भी बराबर बंटवारा होना चाहिए। बताया जा रहा है कि 2020 के चुनाव में कांग्रेस ने 70 में से केवल 19 सीटें जीती थीं। उस समय भी कई नेताओं ने कहा था कि कांग्रेस को ऐसी सीटें दी गईं, जिन्हें जीतना नामुमकिन था। इस बार पार्टी ज्यादा ध्यान जीतने योग्य सीटों पर दे रही है।
कांग्रेस को लगभग 57-60 सीटें
कांग्रेस को उम्मीद है कि उसे लगभग 57-60 सीटें मिलेंगी। हालांकि, अल्लावरु का फार्मूला मौजूदा सहयोगियों की सीटें घटाकर नई पार्टियों को जगह देना लेफ्ट पार्टियों को पसंद नहीं आ रहा है। कांग्रेस ने सीटों पर चर्चा की समयसीमा भी तय कर दी है। 16 सितम्बर को पटना में राज्य चुनाव समिति की बैठक होगी और 19 सितम्बर से स्क्रीनिंग कमेटी आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों के नाम पर विचार शुरू करेगी।
वोट चोरी को बड़ा मुद्दा
पार्टी ने तय किया है कि ‘वोट चोरी’ को चुनाव का बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा। राहुल गांधी ने कहा था कि वोट चोरी से लोगों के अधिकार, नौकरियां, शिक्षा और युवाओं का भविष्य छिन जाएगा। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने भी इसे राशन, पेंशन और मनरेगा भुगतान जैसे मुद्दों से जोड़ा। अल्लावरु ने कहा, “चोरी के वोट से बनी सरकार जनता की समस्याएं हल नहीं करेगी। बिहार सरकार को हर हाल में हटाना जरूरी है।”
