इति बिहार कथा...सत्ता की हनक और बौनी व्यवस्था

​​वक्त बीतता जाता है...मृत्युंजय यादव बार-बार यही घिनौना जुर्म दोहराता है। उनकी भतीजी, घर की दो नौकरानी, इस वहशी हरकत का हर कोई शिकार होता है लेकिन धमकी के खौफ से जुबान पर खामोशी रहती है। दबंग नेता हेमलता का खौफ यहां तक कि अवैध संतान के डर से चंपा अपनी नसबंदी तक करा लेती हैं.

अनंत त्यागी

90 का दशक, बिहार में लालू यादव की सरकार...एक IAS की धर्मपत्नी, भतीजी और घर की नौकरानियों के दो साल तक लगातार यौन शौषण का आरोप और आरोपी को गंगा पुत्र, कोसीसूत साबित करने में लगा पूरा प्रशासन। आरोप लगा था मुख्यमंत्री के खासमखास विधायक के पुत्र पर।

champa vishwas case bihar

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)

सिस्टम में हनक रखने वाले IAS, जनता को न्याय दिलाने वाले अधिकारी कैसे कुर्सी के सामने बौने, बेबस, लाचार और ‘पंगु’ साबित हो जाते हैं...कैसे ताकतवर लोग कमजोर साबित होते हैं...यह उसी की जिंदा दास्तान है...चंपा विश्वास कांड।

साल 1990 IAS बीबी विश्वास की शादी चंपा विश्वास से होती है...1982 बैच के अधिकारी बीबी की पोस्टिंग समाज कल्याण विभाग के सेक्रेट्री के पोस्ट पर होती है...घर दिया जाता है...पटना की बेली रोड पर। समाज कल्याण विभाग की अध्यक्ष, RJD की विधायक और CM की बेहद करीबी हेमलता यादव के ठीक बगल में। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, चारा घोटाला में सज़ायफ्ता और बिहार सरकार पर लगे जंगलराज के आरोपों के सबसे बड़े झंडाबरदार...लालू प्रसाद यादव…उस वक्त सूबे की कमान संभाल रहे थे. बिहार में 1990 से 2005 तक का वो दौर जब सरकार के चहेते नेताओं के सामने पूरा सिस्टम बेबस होता था.

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