Lalu Family Feud: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में मची कलह अब किसी से छिपी नहीं है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गईं। विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के महज 24 घंटे बाद ही लालू परिवार बिखर गया। इस मामले को लेकर तमाम राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (फोटो साभार: instagram.com/rohiniacharyayadav)
भाजपा ने RJD पर कसा तंज
बिहार चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा (BJP) ने भी लालू परिवार में मचे सियासी कलह पर तंज कसा है। भाजपा ने कहा कि बिहार की जनता ने राजद को नहीं चुनकर जंगलराज से बचा लिया। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट कर कहा, ''बिहार की जनता ने राजद को नहीं चुनकर जंगलराज से बचा लिया! जिस परिवार में बहू-बेटियों को बाल पकड़कर और चप्पल से पीटा जाता हो, सोचिए... ये लोग अगर सत्ता में आ जाते, तो बिहार की बहन-बेटियों के साथ कैसा सलूक करते...।''
यह भी पढ़ें: 'घर से निकाला, बदनाम किया, चप्पल से मारा...', लालू की बेटी रोहिणी का दावा- मेरा कोई परिवार नहीं; संजय-रमीज से पूछिए
'लालू की सबसे प्यारी बेटी हैं रोहिणी...'
इस मामले में जदयू प्रवक्ता संजय झा की प्रतिक्रिया भी सामने आई। रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने के फैसले पर बोलते हुए संजय झा ने कहा कि परिवार के भीतर "महाभारत" चल रही है। उन्होंने कहा, ''रोहिणी लालू यादव की सबसे प्यारी बेटी हैं... जिस बेटी ने अपने पिता को किडनी दी, वह कह रही है कि उस परिवार में 'महाभारत' चल रही है।''
'वो मेरा भी परिवार...'
वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पारिवारिक कलह स्वभाविक ही उन्हें (लालू) परेशान करती होगी। यह पारिवारिक कलह सुलझ जाए। मेरे भी भाई-बहन हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राजनीतिक मतभेद हैं और हम राजनीतिक लड़ाई लड़ते रहेंगे, लेकिन मैं चाहूंगा कि परिवार एकजुट हो जाए। उन्होंने कहा कि मैं उनकी (रोहिणी आचार्य) की भावना के साथ हूं।
समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, ''मैं कतई इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि वह मेरा भी परिवार है। राजनीतिक मतभेद एक तरफ है... पर मैंने हमेशा आदरणीय लालू जी को उनके परिवार को अपना परिवार माना है। ऐसे में आज जब उनके परिवार में इतना कुछ चल रहा है, मैं उस दर्द और भावना को समझ सकता हूं। वो समय दूर नहीं जब मैं भी इन्हीं परिस्थितियों से गुजरा था। घर -परिवार में जब तनाव होता है, वो कितना परेशान करता है, मैं उसे समझ सकता हूं।''
