Bihar Ka Mausam (बिहार में आज का मौसम कैसा रहेगा) 11-May-2025: बिहार में इस बार समय से पहले ही मानसून की दस्तक हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य से 4 दिन पहले ही केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर केरल में 1 जून को मानसून का आगमन होता है। लेकिन इस बार 27 मई को मानसून के केरल पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही बिहार में भी मानसून का आगमन समय से पहले ही 13 से 15 जून के बीच हो सकता है। मौसम विभाग द्वारा 15 मई को मानसून के पूर्वानुमान की आधिकारिक रिपोर्ट जारी की जाएगी। जिसके बाद केरल और बिहार में मानसून के दस्तक की तारीख साफ हो पाएगी।
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9 जिले झेलेंगे हीटवेव की मार
आज बिहार के कई जिले गर्मी और लू की मार झेलेंगे। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 9 जिले आज हीटवेव की चपेट में रह सकते हैं। साथ ही अधिकतम तापमान में भी इजाफा होने की संभावना है। जिससे प्रदेशभर में गर्मी और पैर पसारेग। आईएमडी के अनुसार आज गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, जमुई, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और बांका में लू की स्थिति रह सकती है। वहीं पटना में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। लेकिन तेज धूप के चलते लोगों को भीषण गर्मी परेशान करेगी।
बिहार में इस बार अच्छी बारिश की उम्मीद
बिहार में इस बार मानसून के जल्दी आगमन की संभावना के कारण अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि मानसून के प्रवेश के बाद ही बारिश को लेकर वास्तविक स्थिति के बारे में साफ पता चल पाएगा। बिहार में पिछले साल मानसून 5 दिन लेट 20 जून को प्रवेश किया था। ऐसे में बारिश भी औसत से 20 फीसदी कम रिकॉर्ड हुई थी। लेकिन 2023 में मानसून के समय से एक दिन पहले 13 जून को पहुंचने के बावजूद प्रदेश में 23 फीसदी कम बरसात दर्ज हुई थी। साल 2020 से 2022 के दौरान मानसून की दस्तक बिहार में 13 जून को होती रही है। मानसून सीजन में बिहार में औसत बारिश 1272.5 मिमी होती है, लेकिन साल 2021 के बाद से औसत से ज्यादा बारिश दर्ज नहीं की गई है।
मानसून के आगमन का बारिश की मात्रा से संबंध
आईएमडी के अधिकारी के अनुसार केरल में मानसून के आगमन की तारीख का देशभर में कितनी बारिश होगी, इससे कोई सीधा संबंध नहीं है। बल्कि बारिश की मात्रा की वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय हालातों पर निर्भर होती है। आईएमडी के डाटा के अनुसार, इससे पहले 2009 में समय से पहले 23 मई को मानसून ने प्रवेश किया था। जिसके बाद अगर इस बार केरल में मानसून की दस्तक 27 मई तक होता है, तो ऐसा 16 साल बाद होगा। आमतौर पर मानसून 8 जुलाई तक देशभर में फैल जाता है। वहीं मानसून की विदाई 17 सितंबर के बाद उत्तर-पश्चिम भारत से शुरू होती है। है।
