Mock Drill in Bihar: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिससे युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। भारत किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी के मद्देनजर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को देशभर के 244 चिह्नित जिलों में बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है। बिहार में बुधवार को छह जिलों में इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पटना भी शामिल है।
बिहार में आज मॉक ड्रिल
इस अभ्यास के तहत, पटना में शाम 7 बजे से 10 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा। पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी आकाश कुमार ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए लोगों से घबराने के बजाय सहयोग करने की अपील की है। मॉक ड्रिल के दौरान कई प्रकार के अभ्यास किए जाएंगे, जैसे हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण, कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का अवलोकन और आम नागरिकों तथा छात्रों को हमलों के दौरान सुरक्षित रहने के लिए प्रशिक्षित करना। सरकार युद्ध जैसी स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इस अभ्यास के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जाएगा।
इन 6 जिलों में मॉक ड्रिल
बिहार में बुधवार को पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पटना और बेगूसराय में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। आज, 7 मई को, शाम 7:00 से 7:10 तक ब्लैक आउट रहेगा। इस दौरान लोगों को युद्धकालीन सुरक्षा उपायों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। राजधानी पटना में इस मॉक ड्रिल की व्यापक तैयारी पूरी कर ली गई है। शाम 6:58 से 7:00 तक सायरन बजाए जाएंगे, और लगातार दो मिनट तक सायरन बजने के बाद ब्लैक आउट होगा। इस अवधि में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी, और लोगों को घरों के अंदर लाइट जलाने से बचना होगा।
1000 कर्मी लेंगे मॉक ड्रिल में भाग
पटना में नागरिकों को जागरूक करने और सुरक्षा तंत्र की जांच के उद्देश्य से एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 1000 कर्मी भाग लेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभ्यास सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने बताया कि इस दौरान 10 मिनट तक ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से बाधित रहेगी और वाहनों की लाइटें भी बंद रखी जाएंगी। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक सतर्क किया गया है। फायर ब्रिगेड, पुलिस, थानों की गाड़ियां और अन्य आपातकालीन सेवाएं सायरन बजाकर लोगों को सूचित करेंगी। हालांकि, एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को इस ब्लैकआउट से छूट दी गई है।
