Jitan Ram Manjhi demands Nobel Prize for Nitish Kumar: बिहार को ‘बीमारू’ प्रांत से ‘भारत का सबसे तेजी से विकसित राज्य’ बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए। यह मांग सोमवार (27 मार्च, 2023) को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के चीफ और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की ओर से रखी गई।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और हम प्रमुख जीतन राम मांझी। (फाइल)
उन्होंने पटना स्थित विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, “नीतीश कुमार नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं। “बिहार केसरी” श्रीकृष्ण सिन्हा के बाद वह प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकमात्र मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने राज्य के समग्र विकास के लिए काम किया है।”
बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन के घटक एचएएम के मुखिया मांझी के मुताबिक, “उन्होंने बिहार को “बीमारू” प्रांत से भारत के सबसे तेजी से विकसित राज्य में बदल दिया। मैं नीतीश कुमार के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग करता हूं।” हालांकि, इस मसले को लेकर माइक्रो ब्लॉगिंग मंच टि्वटर पर उनकी जमकर किरकिरी हुई।
@sri91138509 नाम के हैंडल से कहा गया, "मांझी को ऐसा लग रहा है, जैसे नोबेल पुरुस्कार ठेले पर या किसी दुकान में बिकता है।" @Talkagain1234 ने आश्चर्य जताते हुए बताया कि वाह! बढ़िया है...तो यही वह श्रेणी थी, जिसके लिए वह पूरा जोर लगा रहे थे।
@PTI_News These guys are living in a different universe to say the least. undefined
— ANI (@ANI) Mar 27, 2023
@PTI_News So there is no need to give this State any ''Special Status'' then. Right?🙂 undefined
— ANI (@ANI) Mar 28, 2023
@PTI_News Before nitish kumar gets nobel prize from committee on recommendation of Jitan Ram Manjhi, BJP should giv… t.co/s8YKxHvGv6
— ANI (@ANI) Mar 27, 2023
@PTI_News t.co/VqteZnvasJ
— ANI (@ANI) Mar 27, 2023
@PTI_News Any wholesale dealers of Nobel on Twitter? Pls quote the price and we will crowd fund... undefined
— ANI (@ANI) Mar 27, 2023
इस बीच, @Suryakant299 ने भी हंसने वाले इमोजी के साथ लिखा- कुछ भी? वहीं, @rohit43ver ने कहा कि पीएमसीएच आ जाइए मांझी जी...फेफड़े-धड़कन और आत्मा एक बार में ही मर जाएंगे। @KumarNikhil026 की ओर से लिखागया, "नोबेल प्राइज भूल जाइए...जीतन राम मांझी को बेस्ड कॉमेडियन के अवॉर्ड से नवाजा जाना चाहिए था।"
