Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को युवाओं के लिए एक अहम घोषणा की है। अब बिहार में बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं को भी बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। सरकार का कहना है कि यह कदम लाखों युवाओं को नौकरी तलाशने के दौरान आर्थिक सहारा देगा।
बिहार में अब 25 साल तक के बेरोजगारों को मिलेगा भत्ता (फाइल फोटो | PTI)
योजना का विस्तार
अब तक ‘मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना’ का लाभ केवल इंटर पास बेरोजगारों को मिल रहा था। लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए सरकार ने ग्रेजुएशन पूरा कर चुके बेरोजगार युवाओं को भी शामिल कर लिया है। इसके तहत युवाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
कितनी उम्र के युवाओं को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार यह योजना केवल उन युवाओं के लिए है जिनकी उम्र 20 से 25 साल के बीच है। इसके अलावा, युवाओं को किसी सरकारी, निजी या गैर-सरकारी नौकरी में शामिल नहीं होना चाहिए। यदि कोई युवा बिजनेस से जुड़ा है तो उसे भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
कितने समय तक मिलेगा भत्ता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवाओं को दो साल तक प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। इस दौरान युवा नौकरी की तैयारी कर सकते हैं या अवसर तलाश सकते हैं। हालांकि जैसे ही किसी को नौकरी मिल जाएगी, उसी दिन से भत्ता बंद हो जाएगा।
किसको मिलेगा लाभ
बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए जरूरी है कि आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो। उसके पास इंटर या ग्रेजुएशन की डिग्री हो और उसने आगे की पढ़ाई छोड़ दी हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जिस युवा को किसी और सरकारी योजना से आर्थिक मदद मिल रही हो, वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगा।मुख्यमंत्री ने पोस्ट कर दी जानकारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी। सीएम ने लिखा कि "नवम्बर 2005 में नई सरकार बनने के बाद से ही अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देना तथा उन्हें सशक्त और सक्षम बनाना हमलोगों की प्राथमिकता रही है। आप अवगत हैं कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आने वाले समय में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नौकरी एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नौकरी/रोजगार प्राप्त कर सकें।
मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि राज्य सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम अन्तर्गत पूर्व से संचालित मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का विस्तार किया गया है। इसके अन्तर्गत इंटर उत्तीर्ण युवक/युवतियों को पहले से दी जा रही स्वयं सहायता भत्ता योजना का लाभ अब कला, विज्ञान एवं वाणिज्य उत्तीर्ण स्नातक बेरोजगार युवक/युवतियों को भी दिए जाने का निर्णय लिया गया है। 20-25 आयु वर्ग के वैसे स्नातक उत्तीर्ण युवक/युवतियां जो कहीं अध्ययनरत नहीं हैं तथा नौकरी/रोजगार हेतु प्रयास कर रहे हैं, उनका कोई स्वरोजगार नहीं है अथवा सरकारी, निजी, गैर सरकारी नियोजन प्राप्त नहीं है, को भी 1000 रूपए प्रतिमाह की दर से अधिकतम दो वर्षों तक मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि इस सहायता भत्ता का उपयोग युवक/युवतियां आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारियों में करेंगे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिले। यहां के शिक्षित युवा आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुखी बनें और देश एवं राज्य के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।"
नीतीश कुमार सरकार का यह कदम बिहार के लाखों युवाओं को राहत देगा। सरकार का मानना है कि यह राशि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेगी।
