Flood in Bihar: बिहार में विधानसभा चुनावों की तैयारी जोरों पर चल रही हैं। इस बीच गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और चुनाव अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी है। पटना के दानापुर और आसपास के इलाकों में गंगा नदी उफान पर है। जिस कारण इन इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिसके कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है। इन हालातों ने सबसे ज्यादा चुनौती मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में लगे बूथ स्तर के अधिकारियों को झेलनी पड़ रही है। इसके बावजूद अधिकारी निर्धारित समयसीमा में यह कार्य पूरा करने के लिए पूरी लगन से डटे हुए हैं।
बाढ़ की सांकेतिक फोटो (PC - istock)
बाढ़ के इन हालातों में गांवों तक पहुंचने का एकमात्र साधन नाव है, लेकिन बाढ़ कारण नावों से यात्रा करना असुरक्षित हो गया है। ऐसे हालातों में भी कई बूथ स्तर के अधिकारियों का कहना है कि वे इन चुनौतियों के बावजूद अपना कार्य 25 जुलाई की समयसीमा तक पूरा कर लेंगे।
95.92% मतदाताओं का सत्यापन पूरा
चुनाव आयोग ने 24 जून को अधिसूचना जारी कर बिहार के 8 करोड़ मतदाताओं का घर-घर जाकर सत्यापन करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस कार्य में एक लाख बूथ-स्तरीय अधिकारी जुटे हुए हैं। जिनकी मदद चार लाख वॉलंटियर्स और राजनीतिक दलों की तरफ से नामित हजारों बूथ-स्तरीय एजेंट कर रहे हैं। बिहार में इन कठिनाइयों के बावजूद चुनाव आयोग ने दावा किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत अब तक राज्य के 95.92% मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है।
