Opposition Meet: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता की कवायद और तेज कर दी है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की रविवार को पटना में हुई बैठक से संकेत मिले हैं कि भाजपा विरोधी दलों की बहुप्रतीक्षित बैठक यहां 12 जून को हो सकती है। हालांकि जदयू के किसी भी वरिष्ठ पदाधिकारी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया, लेकिन बैठक में मौजूद कई लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह खुलासा खुद मुख्यमंत्री ने किया है।
जद (यू) के शीर्ष नेता नीतीश कुमार पिछले साल अगस्त में भाजपा से नाता तोड़ने के बाद से विपक्षी एकता की वकालत कर रहे हैं। बिहार में सत्ताधारी महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव जैसे भाजपा विरोधी नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं । जदयू, राजद, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां एवं अन्य कुछ दल महागठबंधन के घटक हैं।
दरअसल, पटना में विपक्षी नेताओं की एक बैठक आयोजित करने का विचार ममता बनर्जी ने दिया था। विपक्षी एकता अभियान के हिस्से के रूप में, नीतीश कुमार ने न केवल उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसे कांग्रेस के सहयोगियों के साथ, बल्कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव जैसे अपने विरोधियों के साथ भी बातचीत की है।
2024 चुनाव के मद्देनजर नीतीश सक्रिय
2024 चुनाव के मद्देनजर नीतीश बेहद सक्रिय हैं। 22 मई को ही उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलकात की थी। इससे पहलेनीतीश ने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मुलाकात की थी। नीतीश दिनों लगातार विपक्ष को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। राहुल और खरगे से वह पहले भी मुलाकात कर चुके हैं। बिहार में बीजेपी के से गठबंधन तोड़ने के साथ ही नीतीश कुमार नई भूमिका और तेवर में नजर आ रहे हैं। आरडेजी से गठबंधन के बाद उनका पूरा ध्यान 2024 चुनाव के मद्देनजर मजबूत विपक्ष का गठन कर बीजेपी को चुनौती देने पर है। इसे कथित रूप से नीतीश कुमार की पीएम बनने की सियासी महत्वाकांक्षा से जोड़कर भी देखा जाता है।
