Patna News: बिहार की राजधानी पटना में बेखौफ अपराधियों ने फिल्मी अंदाज में ठगी और लूट की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है, जिसने पुलिस महकमे की नींद उड़ा दी है। खुद को 'कस्टम अधिकारी' बताकर जालसाजों ने गुजरात से आए दो स्वर्ण व्यापारियों से करीब 15 किलो सोना लूट लिया और मौके से फरार हो गए। करोड़ों रुपये के इस सोने की लूट ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
व्यापारियों को कार में बंधक बनाकर लूटा सोना (सांकेतिक चित्र)
राजकोट से आए थे कारोबारी
जानकारी के अनुसार, गुजरात के राजकोट से दो सोने के व्यवसायी प्रिंस (25 वर्ष) और महेश (35 वर्ष)अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19483) के जरिए दानापुर स्टेशन पहुंचे थे। उनके पास लगभग 15 किलोग्राम सोना था, जिसे वे पटना के बाकरगंज ले जा रहे थे। शनिवार रात जब दोनों कारोबारी स्टेशन से बाहर निकलकर ऑटो से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे, तभी खगौल थाना क्षेत्र के आरओबी के पास पहले से घात लगाए बैठे 3-4 अपराधियों ने कार और मोटरसाइकिल से उनका रास्ता रोक लिया।
'कस्टम चेकिंग' के नाम पर कार में बैठाया और लूट लिया सोना
अपराधियों ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और जांच के नाम पर व्यापारियों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। झांसे में लेकर बदमाशों ने दोनों पीड़ितों को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और नौबतपुर नहर के पास एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां अपराधियों ने तकरीबन 21 करोड़ के मूल्य का 15 किलो सोना लूट लिया और दोनों व्यापारियों को सड़क पर फेंक कर रफूचक्कर हो गए। जब तक पीड़ितों को अहसास हुआ कि वे असली अधिकारियों नहीं बल्कि लुटेरों के चंगुल में थे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जांच के लिए SIT गठित, चोरी की कार बरामद
घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) की निगरानी में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। दानापुर के सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) शिवम धाकड़ ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये वाहन चोरी के हैं। इसके अलावा पुलिस ने नौबतपुर क्षेत्र से एक संदिग्ध बैग भी बरामद किया है, जिसकी जांच की जा रही है।
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से लुटेरों की तलाश
पुलिस अब दानापुर स्टेशन से लेकर नौबतपुर तक के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के भागने के रूट और उनकी पहचान की जा सके। FSL की टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम है जिसने बेहद योजनाबद्ध तरीके से व्यापारियों की रेकी की और फिर 'कस्टम अधिकारी' बनकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
