पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले एंटी ड्रग टास्क फोर्स नेता परविंदर सिंह झोटा का रविवार यानी 8 नबंवर को उनके ही खेत में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हत्या के 26 दिन बाद परिवार ने उन्हें आखिरी विदाई दी। चंडीगढ़ के PGI से झोटा का पार्थिव शरीर मानसा लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।
इस दौरान लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए और 'परविंदर झोटा अमर रहे' के नारे लगाए।
शव को पहले प्रदर्शन स्थल पर ले जाया गया और फिर उनके घर पहुंचाया गया
शव को पहले प्रदर्शन स्थल पर ले जाया गया और फिर उनके घर पहुंचाया गया, इसके बाद परिवार के खेत में अंतिम संस्कार किया गया।बता दें कि नशे के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जान गंवाने वाले परविंदर सिंह झोटा का अंतिम संस्कार रविवार यानी 8 नवंबर को दोपहर में किया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और सुबह उनका पार्थिव शरीर मानसा लाया गया।
झोटा के पिता ने पंजाब के युवाओं से भावुक अपील की
इस मौके पर, परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने पंजाब के युवाओं से भावुक अपील की। उन्होंने सभी युवाओं से आग्रह किया कि वे दीवाली के पावन अवसर पर नशों को छोड़ने और उनसे दूर रहने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यही उनके बेटे को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आगे कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने नशों के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। अब पंजाब के हर युवा की यह जिम्मेदारी है कि वह उनके विज़न और उनके संघर्ष को आगे बढ़ाए। दीवाली की खुशी तभी सार्थक होगी, जब पंजाब के युवा नशों से मुक्त होने का संकल्प लेंगे।
बता दें कि पंजाब के मनसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई, इस हत्या का वीडियो भी सामने आया था। परविंदर झोटा एक मेडिकल स्टोर पर ड्रग्स को लेकर पूछताछ करने गए थे।
परविंदर झोटा खुलकर ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ खड़े थे
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या एक मेडिकल स्टोर पर कर दी गई थी। दरअसल परविंदर झोटा खुलकर ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ खड़े थे, उन्हें बेनकाब करते थे, इसी को लेकर वो 13 अक्टूबर यानी मंगलवार सुबह एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे और ड्रग्स बेचने को लेकर पूछताछ करने लगे। तभी मेडिकल स्टोर पर मौजूद एक शख्स ने पिस्टल निकाली और गोली चला दी।
आरोपी ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, पूरी घटना फोन कैमरे में कैद
झोटा दुकान मालिक से दवा बेचने को लेकर सवाल-जवाब कर रहे थे और इस पूरी बहस का अपने मोबाइल फोन पर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। बहस के दौरान मेडिकल स्टोर मालिक ने अपनी पिस्तौल निकाल ली। परविंदर झोटा को वीडियो में यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि दुकानदार ने पिस्तौल निकाल ली है। इसके तुरंत बाद आरोपी ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिसकी पूरी घटना उनके फोन कैमरे में कैद हो गई। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए परविंदर सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाते थे परविंदर सिंह झोटा
परविंदर सिंह झोटा मानसा में लंबे समय से अवैध नशीली दवाओं के खिलाफ सक्रिय अभियान चला रहे थे और इससे पहले भी कई केमिस्ट दुकानों द्वारा बेची जा रही प्रतिबंधित व नशीली दवाओं का पर्दाफाश कर चुके थे।
