Pappu Yadav: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले भी CBI जांच हो चुकी है, लेकिन अब तक दोषियों को सजा नहीं मिल सकी। पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जब नेता पेपर लीक जैसी घटनाओं को नहीं रोक पा रहे हैं, तो वे देश कैसे चलाएंगे। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
सांसद पप्पू यादव (फाइल फोटो)
इससे पहले उठाए थे सवाल
इससे पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जून में शुरू होने वाले संसद सत्र में वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून की मांग करेंगे। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में कई रसूखदार नेता और जनप्रतिनिधि परीक्षा माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। उनका दावा था कि राज्य के 40 से अधिक विधायक ऐसे नेटवर्क से जुड़े लोगों को बचाने में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पेपर लीक माफिया की वजह से लाखों छात्रों की मेहनत और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।
2014 के बाद पेपर लीक की घटनाओं में बढ़ोतरी
पप्पू यादव ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बिहार, गुजरात और राजस्थान का जिक्र करते हुए इन राज्यों को पेपर लीक मामलों का प्रमुख केंद्र बताया। NEET परीक्षा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह पहले भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है और हालात फिर से चिंताजनक हो गए हैं। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों का पूरे अंक हासिल करना कई तरह के सवाल खड़े करता है, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होना जरूरी है।
गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार पर सबसे ज्यादा असर
पप्पू यादव ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए अक्सर अपनी जमीन और संपत्ति तक बेचने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो इसका असर केवल परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और भविष्य पर गहरा आघात पहुंचता है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारें इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रही हैं। सांसद ने मांग की कि पेपर लीक में शामिल आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई एक तय समय-सीमा में पूरी होनी चाहिए और दोषियों से परीक्षा आयोजन में हुए खर्च की भरपाई भी कराई जानी चाहिए। पप्पू यादव ने इस मामले में पूर्व की जांचों के नतीजों पर भी असंतोष जताया।
