दिल्ली के सबसे व्यस्त और बड़े बस अड्डों में से एक, जानें इस ISBT से मिलती है कहां–कहां की बसें?

भारत की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बसों की भूमिका बेहद अहम है, जो शहरों से लेकर दूर-दराज़ के इलाकों तक लोगों को जोड़ती हैं। तकनीकी बदलावों के साथ बस सेवाएं पहले से ज्यादा सुविधाजनक और भरोसेमंद बन चुकी हैं। इसी क्रम में दिल्ली का एक और प्रमुख बस अड्डा अपनी खासियतों के कारण यात्रियों के लिए खास महत्व रखता है, जिसके बारे में आगे जानना दिलचस्प होगा।

भारतीय बस परिवहन देश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में बसें शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का सबसे सुलभ और किफायती साधन हैं। राज्य परिवहन निगमों के साथ-साथ निजी बस सेवाएं भी लाखों यात्रियों को प्रतिदिन सुरक्षित यात्रा की सुविधा प्रदान करती हैं। समय के साथ भारतीय बस परिवहन में तकनीकी सुधार देखने को मिले हैं, जैसे ऑनलाइन टिकट बुकिंग, जीपीएस ट्रैकिंग, इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट बस स्टॉप। इसी कड़ी में अगर बात दिल्ली जैसे बड़े शहर की करें तो, यहां मेट्रो होने के बावजूद भी अधिकतर लोग बसों से ट्रैवल करना ज्यादा सही समझते हैं। आज हम आपको जिस ISBT के बारे में बताने जा रहे हैं, वो भी इन दोनों बस अड्डों की तरह ही दिलचस्प है। तो आइए जानें इस बस अड्डे के बारे में।

Sarai Kale Khan ISBT Official Name

क्या है इस ISBT का ऑफिशियल नाम?

जानें इस ISBT के बारे में

कब हुआ था शुरू?

राजधानी दिल्ली का ये अंतरराज्यीय बस टर्मिनल शहर के बड़े और व्यस्त बस अड्डों में से एक है। यह दिल्ली और पड़ोसी राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच छोटी और लंबी दूरी की बस सेवाएं संचालित करता है। बता दें, इस ISBT का निर्माण उत्तरी दिल्ली के कश्मीरी गेट पर स्थित भीड़भाड़ वाले महाराणा प्रताप अंतरराज्यीय बस टर्मिनस पर भीड़ कम करने के लिए किया गया था, जो बढ़ते ट्रैफिक को सहन नहीं कर सकता था। नए ₹80 करोड़ के टर्मिनस परिसर का निर्माण मार्च 1996 में शुरू हुआ और इसे जनवरी 2005 में जनता के लिए खोला गया। बाद में यात्रियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए इसे अपग्रेड किया गया।

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