Delhi News: दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे के नजदीक पुलिस ने 35 वर्षीय एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली और हरियाणा में दर्ज करीब 20 आपराधिक मामलों में शामिल बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के रोहतक निवासी रविंद्र देसवाल उर्फ छोटा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह पिछले दो वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदलता रहता था और टोल प्लाजा पर काम करते हुए पहचान छिपाने के लिए अपने परिचितों के नाम से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था।
दो साल बाद दिल्ली पुलिस की पकड़ में आया फरार गैंगस्टर (सांकेतिक फोटो)
ऑपरेशन कवच 12.0 के तहत हुई कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि 24 जनवरी को द्वारका एक्सप्रेसवे स्थित टोल प्लाजा के पास कुछ देर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। यह कार्रवाई फरार गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कवच 12.0’ के तहत की गई। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र करीब दो साल पहले जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था और कम से कम तीन मामलों में उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
इसके अलावा कई अन्य मामलों में आरोपी खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे और कानूनी प्रक्रिया जारी थी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने लगभग चार सप्ताह तक गुरुग्राम, सोनीपत और रोहतक में करीब 25 स्थानों पर उसकी गतिविधियों की पुष्टि कर गुप्त निगरानी रखी, जिसके बाद 24 जनवरी को उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2018 में हरियाणा पुलिस ने उसे अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ 32 लाख रुपये की डकैती के मामले में भी गिरफ्तार किया था।
आरोपी ने क्या बताया?
पुलिस दस्तावेजों से यह भी सामने आया है कि सोनीपत, पानीपत, रोहतक और कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के साथ-साथ दिल्ली में भी हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट के उल्लंघन और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में उसकी कथित भूमिका रही है। पूछताछ के दौरान देसवाल ने बताया कि उसने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है और एक स्थानीय अपराधी के संपर्क में आने के बाद वह अपराध की राह पर चला गया। बाद में वह कृष्ण गहता गिरोह से जुड़ गया।
(इनपुट - भाषा)
