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Noida Workers Protest: हिंसा के पीछे की साजिश की परतें खोल रही पुलिस, वेतन बढ़ोतरी से लौटी कामकाज की रफ्तार

नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। वेतन वृद्धि और वेज बोर्ड के गठन के जरिए श्रमिकों की मांगों को संबोधित करने की कोशिश की गई है।

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नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह (फोटो: ANI)

Photo : ANI

Noida Workers Protest: नोएडा में हाल ही में हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में मजदूरों को उकसाकर सड़कों पर लाया गया था और इसकी जांच अभी जारी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मजदूरों की वेतन में 21 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के बाद मंगलवार को की गई।

वहीं, सभी सेक्टरों में श्रमिक विभिन्न शिफ्टों में काम पर लौट चुके हैं। साथ ही, वेतन संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए एक वेज बोर्ड (Wage Borad) का गठन किया गया है, जो फैक्ट्री प्रबंधन और मजदूरों से बातचीत कर आगे की प्रक्रिया तय करेगा। इस मामले में अब तक दस एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें कुछ ऐसे लोग शामिल हैं जो हिंसक घटनाओं में शामिल थे, जबकि कुछ पर पूरी साजिश रचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन एक सुनियोजित तरीके से शुरू किया गया था और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

कई श्रमिक संतुष्ट जबकि कुछ असंतुष्ट

बता दें कि, इस पहल से कई श्रमिक संतुष्ट हैं जबकि कुछ श्रमिक इससे असंतुष्ट है। वहीं बुधवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में पुलिस अधिकारी गश्त पर रहे। पुलिस ने जगह-जगह ’’फ्लैग मार्च’’ निकाला और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। नोएडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में हिंसक प्रदर्शन से बेपटरी हुई व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए शासन-प्रशासन सख्ती से निपट रहा है। जगह-जगह अर्धसैनिक बलों के साथ चौकियां स्थापित कर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।

11,098 औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुले

नोएडा में बुधवार को करीब 11,098 औद्योगिक इकाइयां और शैक्षणिक संस्थान खुले। कुछ शैक्षणिक संस्थानों पर सुबह मजदूरों ने फिर से विरोध प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस काम पर भेज दिया। पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों समेत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है। वेतन समेत अन्य मांगों को लेकर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों का करीब एक सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल गया था और आंदोलन के दौरान उपद्रव की घटनाएं भी सामने आईं थीं।

500 औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़

जानकारी के मुताबिक, इस दौरान करीब 500 औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ की गई, सड़क पर खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और कुछ वाहनों को आगे के हवाले कर दिया गया। इस उपद्रव से उद्यमियों में दहशत फैल गई, जिसके बाद औद्योगिक संगठनों ने शासन प्रशासन पर दबाव बनाया और ऐलान किया गया था कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक इकाइयों का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाएगा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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