Noida News: साल में तीसरी बार सफाईकर्मियों की हड़ताल, सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर, बीमारी का बढ़ा खतरा

Noida Sanitation Workers Strike News: नोएडा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। 1800 से अधिक गाड़ियां ठप हैं और प्रतिदिन निकलने वाला 1000 मीट्रिक टन कचरा सड़कों पर सड़ रहा है, जिससे डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

Noida Sanitation Workers Strike News: देश के सबसे हाई-टेक शहरों में से एक नोएडा शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और संविदा कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज चौथा दिन है। इस कार्य बहिष्कार के कारण आवासीय सेक्टरों, बहुमंजिला सोसायटियों और मुख्य सड़कों पर कचरे के बड़े-बड़े पहाड़ जमा हो गए हैं। बारिश के मौसम में जगह-जगह जमा पानी और अब सड़कों पर सड़ रहे कूड़े के ढेरों से भयंकर दुर्गंध उठ रही है। इस बदहाली ने पूरे शहर को डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

Noida Sanitation Workers Strike

सोसायटियों से लेकर सेक्टरों तक बुरा हाल (सांकेतिक चित्र)

आंकड़ों में समझें शहर का 'कूड़ा संकट'

नोएडा प्राधिकरण से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, सफाई व्यवस्था का ढांचा ठप होने से शहर में भयावह स्थिति बन गई है। 5000 से अधिक कर्मचारी हड़ताल और कार्य बहिष्कार में शामिल हैं, जिससे शहर से रोजाना निकलने वाला कचरा 1000 मीट्रिक टन, जो पिछले तीन दिनों से प्रोसेस नहीं हो पा रहा है। सेक्टर 12, 22, 56, 82, 100 और 122 सहित दर्जनों सेक्टरों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान बंद है, जिससे लाखों निवासी परेशान हो रहे हैं।

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