Noida Water Crises: नोएडा में तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के सामने नया संकट का आ गया है। शहर में चार दिन तक लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान गंगाजल की दो लाइनों का मरम्मत कार्य किया जाएगा। जिसके चलते कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। पानी की पाइपलाइन का मरम्मत कार्य सोमवार को शुरू किया गया था, जोकि 13-14 जून तक पूरा हो जाएगा।
प्रतीकात्मक फोटो
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पास गंगाजल की दो मुख्य पाइपलाइन में लीकेज समस्या है। जिसे ठीक करने के लिए चार दिन मरम्मत कार्य चलेगा है। इस दौरान कई इलाकों में पानी नहीं आएगा। पानी की इस लाइन में 80 क्यूसेक गंगाजल गाजियाबाद के सिद्वार्थ विहार प्लांट से होकर नोएडा आता है। ऐसे में पानी की इस मात्रा के बंद होने से पेयजल आपूर्ति पर प्रभावत पड़ेगा।
इन इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-63 और सेक्टर-121 में पानी पाइपलाइन में लीकेज की समस्या है। खासतौर पर सेक्टर-63 की ग्रीन बेल्ट में स्थित 1400 मिमी की पाइपलाइन में पानी का रिसाव हो रहा है। वहीं सेक्टर-121 की सर्विस रोड पर 1000 मिमी की पाइपलाइन में खराबी पाई गई है। है। इस दोनों लाइनों को ठीक करने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है। जिसके चलते सेक्टर 19, 20, 22, 23, 25, 27 के साथ-साथ सेक्टर 71, 72, 88 और 122 के आसपास के इलाकों में पेयजल की आपूर्ति कम हो सकती है। इस दौरान गंगाजल से पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। हालांकि ट्यूबेल और रैनीवल के जरिए पानी सप्लाई जारी रहेगी।
पानी की कमी होने पर जल विभाग को करें संपर्क
नोएडा में गंगाजल सप्लाई को पेयजल का मुख्य स्त्रोत है। शहर में गाजियाबाद के प्रताप विहार और सिद्वार्थ विहार प्लांट से रोजाना 100 क्यूसेक गंगाजल आता है। जिसमें से एक लाइन 80 क्यूसेक और दूसरी लाइन से 20 क्यूसेक पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में गंगाजल सप्लाई के बंद होने से शहर के ज्यादातर हिस्सों में चार दिन पानी की किल्लत हो सकी है। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि दो पाइपलाइनों की मरम्मत कार्य के दौरान अगर किसी को पानी की समस्या का सामना करना पडे, तो वे प्राधिकरण के जल विभाग से संपर्क कर टैंकर की सुविधा ले सकते हैं।
