उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में परिवहन विभाग ने बिना परमिट वाहन चलाने वाले निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। बताया जा रहा है कि यह अभियान परिवहन आयुक्त मनीष कुमार वर्मा के निर्देशों पर चलाया गाय है। अधिकारी ने बताया कि उनका उद्देश्य चोरी को रोकना, अवैध परिवहन पर अंकुश लगाना और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। बता दें इस कार्रवाई में ओला, उबर, जोमैटो जैसी सेवाएं में उपयोग होन वाली निजी मोटरसाइकिल, कार और स्कूल वैन को शामिल किया गया है।
बिना परमिट के व्यावसायिक उपयोग में चल रहे निजी वाहनों पर कार्रवाई
बता दें कि इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पांच प्रवर्तन टीमें बनाई गई है। जिनमें तीन सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और दो यात्रीकर अधिकारी (पीटीओ) शामिल हैं। ये टीमें जिले के प्रमुख क्षेत्रों जैसे बादलपुर, नॉलेज पार्क, बोटैनिकल गार्डन, सेक्टर 62 और परी चौक में वाहनों की गहन जांच कर रही हैं। अब तक 77 से अधिक वाहन जब्त किए गए हैं, जिनमें 12 मोटरसाइकिलों का चालान, 7 बाइक टैक्सी, 53 हल्के यात्री वाहन और 5 बसें शामिल हैं।
बिना परमिट वाले वाहनों पर चालान
बता दें कि बिना परमिट के निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना रजिस्ट्रेशन पर ₹5,000 और बिना परमिट पर ₹10,000 का चालान शुल्क निर्धारित किया गया है। डॉ. उदित नारायण पांडेय ने स्पष्ट किया कि कोई भी निजी वाहन बिना वैध परमिट के व्यावसायिक उपयोग में नहीं लाया जा सकता। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और संस्थानों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और बिना परमिट या रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाने से बचें।
