उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है। एयरपोर्ट इसी साल चालू हो जाएगा। इस एयरपोर्ट के बनने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर से दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इस एयरपोर्ट को लेकर लगातार अपडेट आ रहे हैं। ताजा अपडेट आया है कि अगस्त 2024 तक यहां रडार लगाने के काम को पूरा करने ला लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय की टीम लगातार इस एयरपोर्ट के कार्यों की देखरेख कर रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी बी इस एयरपोर्ट में खास रुचि लेते हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम ने शुक्रवार को अपनी टीम के साथ एयरपोर्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की प्रगति के विषय में जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
अपने इस दौरे में उन्होंने सरफेस मूवमेंट रडार (SMR) का काम अगले पांच महीने में यानी 30 अगस्त 2024 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्धारित किया। बता दें कि इसी सात सितंबर मे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होना प्रस्तावित है। एयरपोर्ट के पहले चरण का 80 फीसद काम भी पूरा हो चुका है। यहां 3900 मीटर का रनवे बनकर तैयार हो चुका है।
देश के इस सबसे बड़े एयरपोर्ट पर विमान उतारने का ट्रायल भी शुरू करने की तैयारी है। जेवर में टर्मिनल बिल्डिंग का ढांचा भी बन चुका है। एटर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर का काम भी अपने अंतिम चरण में है। यहां पर ऑटोमेटिक डेपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकास्ट (ADS-B), एडवांस सरफेस मूवमेंट गाइडेंट्स एंड कंट्रोल सिस्टम (ASMGCS), ऑटोमेशन सिस्टम और सरफेस मूवमेंट रडार (SMR) का काम भी 30 अगस्त 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ज्ञात हो कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कर रहा है, जो ज्यूरिक एयरपोर्ट इंटरनेशल एजी की 100 फीसद सब्सिडरी कंपनी है। अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद प्राधिकरण ने एयरपोर्ट बनाने वाली कंपनी से निर्माण कार्य में और तेजी लाने को कहा है।
