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नोएडा की फैक्ट्रियों में ओवरटाइम खत्म, 1 मई से दो शिफ्टों में काम; हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Noida Factory Two shift System: नोएडा की फैक्ट्रियों में 1 मई से ओवरटाइम खत्म कर दो शिफ्टों में काम शुरू होगा। इस फैसले से रोजगार बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन श्रमिकों और उद्यमियों के बीच वेतन और बकाया को लेकर विवाद जारी है।

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नोएडा की फैक्ट्रियों में बड़ा बदलाव (Photo: AI Generated)

Noida Factory Two shift System: नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब फैक्ट्रियों में ओवरटाइम की जगह दो शिफ्टों में काम कराया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 मई से लागू होने की तैयारी में है। इसके तहत पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। इस बदलाव का मुख्य कारण फैक्ट्रियों पर बढ़ता ओवरटाइम (Noida factory me overtime khatam) का खर्च है। उद्यमियों का कहना है कि ओवरटाइम (Noida Overtime ban factories) देने से लागत काफी बढ़ रही थी, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। इसलिए अब उन्होंने नई योजना अपनाई है, जिससे खर्च को नियंत्रित किया जा सके और उत्पादन भी जारी रहे।

दो शिफ्ट होने से ज्यादा लोगों को मिलेगा नौकरी

नई व्यवस्था का एक फायदा यह भी होगा कि अधिक लोगों को रोजगार मिल सकेगा। पहले जहां कम कर्मचारियों से ओवरटाइम लेकर काम कराया जाता था, अब दो शिफ्ट होने से ज्यादा लोगों को नौकरी का मौका मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले को लेकर श्रमिकों और उद्यमियों के बीच विवाद भी बढ़ रहा है। श्रमिक ओवरटाइम के लिए ज्यादा भुगतान और बकाया राशि की मांग कर रहे हैं, जबकि उद्योग मालिक आर्थिक दबाव का हवाला दे रहे हैं। श्रम विभाग भी इस मामले में सक्रिय है और कर्मचारियों के हितों की बात कर रहा है। इस मुद्दे को सुलझाने के लिए 24 अप्रैल को लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इसमें बड़े अधिकारी और मंत्री शामिल होंगे, जहां दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

इसी महीने में हुआ था मजदूरों का एक बड़ा आंदोलन

आपको बता दें कि नोएडा में इसी महीने में मजदूरों का एक बड़ा आंदोलन देखने को मिला, जिसने औद्योगिक इलाकों में तनाव बढ़ा दिया। यह आंदोलन खासतौर पर फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स और सेक्टर 62, 63, 59, 60 और 84 जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में फैल गया। यह विरोध 9 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ, जब मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना शुरू किया। शुरुआत में यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे हालात बिगड़ते गए। 13 अप्रैल तक स्थिति काफी गंभीर हो गई और आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान कई जगहों पर पत्थरबाजी हुई, वाहनों में आग लगाई गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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