DLF Mall of India: नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने रियल एस्टेट डेवलपर डीएलएफ (DLF) को नोटिस जारी किया है। अथॉरिटी ने रियल इस्टेट प्रमुख डीएलएफ को नोटिस जारी कर उसे 15 दिनों के भीतर 235 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा है। यह भुगतान उस जमीन के लिए मांगा जा रहा है जिस पर भारत के सबसे बड़े मॉल में से एक, मॉल ऑफ इंडिया (Mall of India) बनाया गया है। नोएडा प्राधिकरण डीएलएफ मॉल और बेंगलुरु के व्यवसायी विराना रेड्डी (Virana Reddy) के बीच एक फैसिलिटेटर के रूप में कार्य करेगा। वीराना रेड्डी जमीन के पिछले मालिक थे।
DLF Mall of India से जुड़ी बड़ी खबर
रेड्डी को ट्रांसफर की जाएगी रकम
डीएलएफ 235 करोड़ रुपये अथॉरिटी को देगा, फिर अथॉरिटी की ओर से ये रकम रेड्डी को ट्रांसफर की जाएगी। रेड्डी ने साल 1997 में इस भूमि को एक किसान से खरीदा था। नोएडा अथॉरिटी ने ऑक्शन के जरिए इस भूमि को रियल्टी कंपनी को बेचा था, जिसने मॉल का निर्माण किया।
क्या है पूरा मामला?
विराना रेड्डी ने नोएडा अथॉरिटी की ओर से डीएलएफ को जमीन बेचे जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने हाल ही में प्राधिकरण से रेड्डी को राशि पर ब्याज सहित मुआवजा देने को कहा था। 5 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को रेड्डी को 15 फीसदी ब्याज देने का आदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शीर्ष अदालत ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में 1,10,000 प्रति वर्ग मीटर की दर से भुगतान करने के लिए प्राधिकरण को भी कहा था।
इस संदर्भ में नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितु महेश्वरी ने पीटीआई को कंफर्म किया है कि नोटिस जारी किया गया है। वहीं डीएलएफ के प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल हमें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है। एक बार जब हमें नोटिस मिलेगा, हम इसे रिव्यू करेंगे। उल्लेखनीय है कि डीएलएफ मॉल ऑफ इंडिया नोएडा के कमर्शियल हब, सेक्टर 18 में स्थित है।
