नोएडा

UP: जज ने सुनाई उम्रकैद की सजा, तो बदमाशों ने हथियार दिखाकर किया पीछा; पुलिस चौकी में घुसकर बचाई जान

उत्तर प्रदेश में एक कुख्यात अपराधी को उम्रकैद की सजा सुनाने वाले जज की कार का पीछा किया गया। उन्हें हथियार दिखाकर धमकाया गया। हालांकि, जज ने किसी तरह पुलिस चौकी में घुसकर अपनी जान बचाई।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

UP News: कुख्यात गैंगस्टर रवि काना के बड़े भाई हरेंद्र प्रधान की हत्या के मामले में सुंदर भाटी और उसके गिरोह से जुड़े लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने वाले गौतम बुद्ध नगर जनपद के अपर जिला न्यायाधीश रहे डॉक्टर अनिल कुमार की कार का बोलेरो जीप सवार पांच बदमाशों ने अलीगढ़ जनपद के खैर थाना क्षेत्र में राजमार्ग पर पीछा किया और हथियार दिखाकर उन्हें धमकाने का प्रयास किया।

जज ने किसी तरह बचाई जान

न्यायाधीश ने खुद को घिरता देख सोफा पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी जान बचाई और नौ नवंबर को थाना खैर में मामला दर्ज कराया।

अलीगढ़ पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि न्यायाधीश अनिल कुमार इस समय फर्रुखाबाद में विशेष न्‍यायाधीश (ईसी एक्‍ट) पद पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे सुंदर भाटी गिरोह के शामिल होने का शक जताया गया है।

कब हुई थी ये घटना?

पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह घटना 14 दिन पहले हुई जब न्यायाधीश नोएडा जा रहे थे। इस घटना से छह दिन पहले ही सुंदर भाटी सोनभद्र जेल से रिहा हुआ था। इस बारे में जांच की जा रही है कि संबंधित घटना के दिन सुंदर भाटी की लोकेशन कहां थी। पुलिस को अलीगढ़ में सुंदर भाटी गिरोह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। अधिकारी ने बताया कि घटना 29 अक्टूबर को रात 8 बजे के आसपास हुई। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इस मामले में सोफा चौकी प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी को सूचना दी।

जज ने मामला कराया दर्ज

पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि फोन पर खैर थाना प्रभारी निरीक्षक डीके सिसोदिया को भी सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने इसके बाद 9 नवंबर को 5 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ खैर थाने में मामला दर्ज कराया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के अनुसार, न्यायाधीश ने घटना वाली रात सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि उस वक्त न्यायाधीश ने कुछ लोगों द्वारा उनकी कार रोके जाने का प्रयास करने का सिर्फ अंदेशा जताया था और कोई तहरीर नहीं दी थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

उन्होंने कहा कि न्यायाधीश ने अब तहरीर दी है और हमले का अंदेशा जताया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बोलेरो जीप का नंबर अधूरा है, जिसकी वजह से इसका पता नहीं चल पा रहा। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है। समाजवादी पार्टी के नेता हरेंद्र नागर और उनके गनर की हत्‍या के मामले में न्यायाधीश अनिल कुमार ने सुंदर भाटी को 2021 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह गत 23 अक्‍टूबर को सोनभद्र जेल से रिहा हुआ था। इसके कुछ दिन बाद 29 अक्‍टूबर को न्यायाधीश की गाड़ी का पीछा किए जाने की घटना सामने आई।

पुलिस जांच में पता चला कि न्यायाधीश की गाड़ी का पीछा करने वाली बोलेरो का नंबर अलीगढ़ का है। सफेद रंग की इस गाड़ी का पूरा नंबर नहीं मिल पाने की वजह से गाड़ी का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये छानबीन कर रही है।

इनपुटः भाषा

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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