Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 4,378 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है, जिसमें से जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 450 करोड़ रुपये का अलॉट किए गए हैं। बता दें कि पिछले वर्ष एयरपोर्ट के लिए 350 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे। वहीं, प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण के लिए एक हजार करोड़ की राशि अलग रखी है। बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण ने भूमि आवंटन की दरों में भी काफी संशोधन किया है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल को ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की 129वीं बोर्ड बैठक हुई थी, ये सभी निर्णय इसी बैठक में लिए गए। उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा - ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में ये बैठक की गई।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 129वीं बोर्ड बैठक में कई निर्णय लिए गए। (सांकेतिक चित्र)
इस बार के बजट में क्या है खास
प्राधिकरण ने बोर्ड की बैठक के दौरान बजट के विषय में गहनता से चर्चा की। इस बैठक में बताया गया है कि पिछले वर्ष प्राधिकरण को 5,103 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण महज 1,440 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। इसी के मद्देनजर इस बार का बजट 4,378 रुपये रखा गया है, जो कि पिछले साल के बजट से 14% कम है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2024 में पूंजीगत कार्यों पर करीब 575 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव दिया है।
अभी क्या हैं भूमि आवंटन की दरें
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में औद्योगिक भूखंडों के लिए वर्तमान भूमि आवंटन दर 10,500 रुपये से 25,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर (वर्गमीटर) के बीच है। रेजडेंशियल सेक्टर के लिए यह 29,900 रुपये प्रति वर्गमीटर और 39,000 रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच है। इसी तरह, कॉमर्शियल भूखंडों के लिए ये आवंटन दर 52,000 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 75,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक है, जबकि आईटी भूखंडों के लिए यह 15,000 रुपये प्रति वर्गमीटर और 30,000 रुपये प्रति वर्गमीटर के बीच है। वहीं, संस्थागत भूखंडों की बात करें तो उनकी भूमि की दर 13,000 रुपये प्रति वर्गमीटर से लेकर 22,500 रुपये प्रति वर्गमीटर तक है। अधिकारियों ने बताया है कि रेट रिवीजन का प्रस्ताव तैयार करने से पहले मार्केट रेट का सर्वे किया गया था, जिसमें ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के अलॉटमेंट रेट कम पाए गए, इसलिए दरों में बदलाव किए गए हैं।
भूखंडों की दरों में क्या बदलाव हुआ
बोर्ड की बैठक में आईटी और आईटीईएस भूखंडों की आवंटन दर में 4.42% और रेजिडेंशियल, इंडस्ट्रियल और संस्थागत भूखंडों के लिए लगभग 15% की वृद्धि की है। ग्रेनो प्राधिकरण ने कॉमर्शियल भूखंडों के लिए नई भुगतान योजना को भी मंजूरी दी है। बता दें कि नई योजना के अनुसार, अब आवंटी एकमुश्त भुगतान के बजाय तीन साल में समग्र राशि का भुगतान कर सकते हैं। यह योजना केवल व्यावसायिक भूखंडों के लिए है। हालांकि अभी आवंटियों को 90 दिनों में पूरा भुगतान करना होता है। बैठक में समापन प्रमाण पत्र पर एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिस पर कहा गया है कि एक जून, 2020 से अब तक 4,189 आवंटियों ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 3,442 आवेदकों को ये सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं। बैठक में 631 आवेदन और प्राधिकरण स्तर पर 116 आवेदन लंबित होने की बात कही गई।
किसानों को बड़ी राहत
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बोर्ड ने बैठक में आपसी सहमति से अपनी जमीन देने वाले किसानों को राहत देने का काम किया है। प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2024 में मुआवजे की मौजूदा दर में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। बताते चलें कि अभी मुआवजे की दर 3,750 रुपये है। अब इसमें 375 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जिसके बाद नई दर 4,125 रुपये निर्धारित की गई है। अधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांग और जमीन के बाजार भाव में वृद्धि को देखते हुए मुआवजे की दर बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है। गौरतलब है कि हाल ही में प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी के साथ हुई बैठक में किसानों ने भी दाम बढ़ाने की गुहार लगाई थी। बता दें कि प्राधिकरण आठ नए क्षेत्रों को विकसित करने का भी प्रयास कर रहा है। इन परियोजनाओं के लिए सीधे किसानों से जमीन खरीदने की प्रक्रिया चल रही है।
जेवर एयरपोर्ट के बजट में बढ़ोतरी
जेवर हवाईअड्डे के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि परियोजना के चरण 2 और 3 में भूमि अधिग्रहण के लिए अधिक धन की आवश्यकता होगी। वहीं, दूसरे चरण में करीब 1300 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण के दूसरे चरण के लिए अध्ययन चल रहा है। जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में ग्रेनो प्राधिकरण की 12.5%, नोएडा प्राधिकरण और राज्य सरकार में प्रत्येक की 37.5% हिस्सेदारी है, जबकि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की इस प्लान में 12.5% हिस्सेदारी है।
बिल्डरों पर होगा एक्शन
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बोर्ड ने बैठक में यह निर्णय लिया कि डिफाल्टर बिल्डरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जिन डेवलपर्स ने प्राधिकरण की बकाया राशि का भुगतान अब तक नहीं किया है, उनके भूखंडों का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। वहीं, कई उद्यमी ऐसे भी हैं जो कि ये मांग कर रहे हैं कि प्राधिकरण उन्हें अधिक एफएआर दे टाउनशिप में औद्योगिक भूखंडों के अधिक क्षेत्र पर निर्माण करने की अनुमति देगा। बैठक में ग्राउंड कवरेज को 35% से बढ़ाकर 55% करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
