नोएडा : छोटी दूरी तय करने में ई-रिक्शा बड़े मददगार साबित होते हैं। इनसे छोटी दूरी को आसानी से तय किया जा सकता है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट होने के नाते लोगों को अपनी गाड़ी निकालने की आवश्यकता भी नहीं होती है। लेकिन नोएडा में ई-रिक्शा मौत के सौदागर बनकर घूम रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर जिले की सड़कों पर ई-रिक्शा की तेजी से बढ़ती संख्या लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। छोटे-छोटे बच्चे भी ई-रिक्शा चलाते हुए देखे जाते हैं। सवारी ढोने के लिए बने ई-रिक्शा पर सामान ढोते और कई बार तो खतरनाक तरीके से सरिया आदि ढोते हुए देखा जाता है।
ई-रिक्शा बने मुसीबत
तेजी से बढ़ रही है संख्या
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दैनिक हिदुस्तान में खबर छापी गई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में गौतमबुद्ध नगर जिले में यानी नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, दादरी और जेवर इलाके में ई-रिक्शा की संख्या में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। यह संख्या तेजी से बढ़ती चली जा रही है। एक ओर ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ रही है और दूसरी ओर ई-रिक्शा चालक ट्रैफिक नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन करते हैं, जिससे लोगों को सड़क पर जाम के साथ ही अन्य कई मुसीबतों से गुजरना पड़ता है।कितने ई-रिक्शा
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में साल 2019 में सिर्फ 1946 ई-रिक्शा ही रजिस्टर्ड थे। जबकि, 2024 में अब तक 3100 ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हो चुके हैं। 2019 से अब तक हर साल रजिस्टर्ड हुए ई-रिक्शा सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इसके अलावा लोगों की शिकायतें रहती हैं कि बिना रजिस्ट्रेशन के भी ई-रिक्शा चल रहे हैं। यहां टेबल में देखें कि साल-दर-साल कितने ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हुए।| साल | ई-रिक्शा रजिस्टर्ड हुए |
| 2019 | 1703 |
| 2020 | 811 |
| 2021 | 1149 |
| 2022 | 4084 |
| 2023 | 7825 |
| 2024 | 3100 |
