Jewar Airport News: उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने जा रहा है। एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है और अब सिर्फ 4 दिन बाद ही यानी 15 जून को यहां से कॉमर्शियल उड़ान सेवाएं भी शुरू होने जा रही हैं। कॉमर्शियल उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। एयरपोर्ट यात्रियों के स्वागत के लिए तैयार है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या कनेक्टिविटी की है। हालांकि, इस एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के साथ ही RRTS नमो भारत से भी कनेक्टिविटी दिए जाने की योजना है। लेकिन अभी यह सिर्फ यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट है। एयरपोर्ट को लेकर सबसे बड़ा सवाल भी यात्रियों की कनेक्टिविटी ही है। क्योंकि यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने और एयरपोर्ट से अपने घर या गंतव्य तक पहुंचने के लिए फिलहाल दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जेवर एयरपोर्ट से 15 जून को शुरू होंगी उड़ान सेवाएं
एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू करने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मंगलवार 9 जून को ही इंडिगो एयरलाइंस के विमान के साथ सफल ट्रायल भी पूरा कर लिया गया। एयरपोर्ट पर ऑपरेशनल रेडीनेस एंड ट्रांसफर (ORAT) के तहत इंडिगो एयरलाइंस का विमान दिल्ली से उड़ान भरकर सुबह रनवे-28 पर उतरा। ट्रायल के दौरान रिक्वायर्ड नेविगेशन परफॉर्मेंस (RNP) और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) सहित विमान संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार विमान की डॉकिंग, ईंधन भरने, बैगेज हैंडलिंग, एयर ब्रिज ऑपरेशन और ग्राउंड हैंडलिंग की प्रक्रियाएं भी सफलतापूर्वक जांची गईं।
फिलहाल सिर्फ कैब भरोसे यात्री
लेकिन एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के बावजूद यात्रियों को शुरुआती दिनों में परिवहन सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने का सबसे भरोसेमंद साधन कैब और निजी वाहन ही होंगे। बहुप्रतीक्षित मेट्रो कनेक्टिविटी परियोजना अभी निर्माण और योजना के विभिन्न चरणों में है, जिसके पूरा होने में समय लगेगा।
एयरपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाएगा प्रशासन
यात्रियों को कुछ राहत देने के लिए प्रशासन अगले हफ्ते से इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ये बसें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स से एयरपोर्ट तक संचालित की जा सकती हैं। हालांकि, शुरुआती चरण में इनकी संख्या सीमित रहने की संभावना है।
कनेक्टिविटी ही तय करेगी जेवर एयरपोर्ट की सफलता
जानकारों का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सफलता उसके हवाई संचालन के साथ-साथ मजबूत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर भी निर्भर करती है। ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए मेट्रो और हाई-स्पीड बस कनेक्टिविटी का जल्द विकसित होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
एयरपोर्ट से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
फिलहाल 15 जून से उड़ान सेवाएं शुरू होने के साथ एयरपोर्ट क्षेत्र में नई आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों की उम्मीद बढ़ गई है, लेकिन यात्रियों की सुविधाजनक आवाजाही के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तेजी से मजबूत करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
