राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। नोएडा और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि 1 अक्टूबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC/PUC) वाले वाहनों को किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। यह कदम वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के 15 मई को जारी आदेश के तहत उठाया गया है। इसका मकसद वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना और PM2.5, नाइट्रोजन ऑक्साइड व कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे प्रदूषकों को नियंत्रित करना है। यह आदेश CAQM अधिनियम, 2021 की धारा 12 के तहत जारी किया गया है।
नोएडा-गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से बिना PUC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल (File Photo)
पेट्रोल पंपों पर PUC की जांच शुरू
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नोएडा के सभी पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहनों के PUC की जांच शुरू कर दी गई है। इसके लिए 'परिवहन PUC पोर्टल ऐप' का इस्तेमाल किया जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्मचारियों के मोबाइल फोन पर इस ऐप को डाउनलोड करें। ऐप पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर तुरंत यह पता लगाया जा सकता है कि उसका PUC सर्टिफिकेट वैध है या नहीं। जांच में वैध सर्टिफिकेट मिलने पर ही ईंधन दिया जाएगा।
गाजियाबाद में ट्रायल शुरू और जुर्माना
TOI की रिपोर्ट के अनुसार,गाजियाबाद के जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) अमित कुमार तिवारी ने आपूर्ति विभाग ने पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच शुरू कर दी है, जिसकी शुरुआत 'सोना फ्यूल एंड ऑटोकेयर' समेत दो पेट्रोल पंप पर ट्रायल के तौर पर कर दी गई है।
दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होगी व्यवस्था
दिल्ली सरकार ने जून में घोषणा की थी कि 1 नवंबर से वैध PUC के बिना पेट्रोल, डीजल और CNG नहीं दी जाएगी। नोएडा और गाजियाबाद में पेट्रोल-डीजल के लिए यह व्यवस्था 1 अक्टूबर से लागू होने जा रही है।
PUC नहीं होने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 190(2) के तहत वैध PUCC के बिना वाहन चलाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। PUC प्रमाणपत्र वाहनों के उत्सर्जन की जांच के बाद जारी किया जाता है और इसे पेट्रोल पंपों के अलावा अधिकृत PUC केंद्रों से भी बनवाया जा सकता है।
