Noida Engineer Died: क्या इस वजह से प्राधिकरण ने गड्डे पर बेरिकेट्स तक नहीं लगाए? युवराज को बचाने के लिए थे प्रशासन के पास 10 दिन!

Noida Engineer Death Case Update: सेक्टर 150 के निवासियों का कहना है कि खतरे को लेकर पहले से ही सभी को पता था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। बताया गया कि कुछ दिन पहले उसी जगह पर ऐसी ही एक घटना हुई थी, जिससे यह पता चलता है कि यह कोई अनजानी गलती नहीं बल्कि लापरवाही का एक पैटर्न था।

Noida News: 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की SUV कार शनिवार को नोएडा के सेक्टर 150 में ATS ले ग्रैंडियोस के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई, जिस कारण डूबने से उनकी मौत हो गई। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि एक ऐसी दुखद घटना थी जिसे टाला जा सकता था। दरअसल, एक नई जानकारी सामने आई है कि केस में दर्ज FIR में नामजद दोनों बिल्डर कंपनियों पर प्राधिकरण का करोड़ों रुपये का बकाया है। तो ऐसे में बकाया नहीं वसूलने वाला प्राधिकरण मोके पर सेफ्टी के लिए बेरिकेट्स भी नहीं लगवा पाया।

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युवराज को बचाने के लिए थे प्रशासन के पास 10 दिन!

बताया गया कि 7 जुलाई 2014 में लोटस ग्रीन बिल्डर को नोएडा के सेक्टर-150 में स्पोर्ट्स सिटी के लिए जमीन आवंटित हुई थी। स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर अलॉट हुई जमीन को बिल्डर कंपनी ने अलग अलग लोगों को बेचा था। लेकिन आरोप यहां यह कि अपना पैसा ना वसूल करने वाली प्राधिकरण सेफ्टी के लिए साइड पर उपकरण भी नहीं लगवा पाई। अब जहां मामले में CBI और ED जैसी जांच एजेंसियां मामले की तहकीकात कर रही हैं।

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