आंध्र प्रदेश में नवजातों की खरीद-फरोख्त का मामला, एलुरु में पुलिस ने किया तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक संगठित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। संदिग्ध जन्म पंजीकरण रिकॉर्ड की जांच के दौरान दो मामलों में शिशुओं की बिक्री की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई तेज की गई। अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी है।

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में नवजात शिशुओं की तस्करी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एलुरु जिले में इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रविवार को इस संबंध में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जांच संदिग्ध शिशु पंजीकरण दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल के बाद शुरू की गई थी। अनुमंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) डी. श्रवण कुमार ने कहा, "जांच के दौरान शिशुओं की अवैध बिक्री से जुड़े दो मामलों का पता चला, जिसके बाद हमने एलुरु जिले में नवजात शिशु तस्करी गिरोह को पकड़ने में सफलता पाई।"

Newborn Trafficking Racket Busted in Andhra Pradesh Eluru District (Symbolic Photo)

आंध्र प्रदेश के एलुरु में बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश (सांकेतिक फोटो)

फर्जी कागजात भी किए गए तैयार

पुलिस के मुताबिक, पहला मामला मुदिनेपल्ली मंडल के एक दंपति से जुड़ा है, जिन्होंने कथित रूप से कई असफल आईवीएफ प्रयासों के बाद दिसंबर 2024 में लगभग तीन लाख रुपये देकर एक नवजात बच्ची खरीदी। इस घटना में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें दंपति के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं। दंपति ने गर्भवती होने का दिखावा किया और बिचौलियों के जरिए बच्ची को अपने घर लेकर जाकर उसे अपनी संतान साबित करने का प्रयास किया, जिसके लिए फर्जी कागजात भी तैयार किए गए।

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