Delhi Crime: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने दिल्ली के जामिया नगर इलाके में एक दलित महिला के कथित अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले का शनिवार को स्वत: संज्ञान लिया। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने दिल्ली पुलिस से तत्काल और सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट (फाइल फोटो)
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान कई लोगों ने उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया। मामले में जबरन धर्मांतरण का भी आरोप लगाया गया है।
NCW ने पुलिस से मांगी रिपोर्ट
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर (Vijaya Rahatkar) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है।
आयोग ने पुलिस से एफआईआर में लगाए गए प्रावधानों, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी, मेडिकल और फॉरेंसिक जांच, मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज कराने सहित उठाए गए तमाम कदमों की जानकारी भी मांगी है।
सख्स कार्रवाई की मांग
आयोग ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म, जातीय हिंसा और जबरन धर्मांतरण जैसे आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी जांच पूरी संवेदनशीलता, निष्पक्षता और तत्परता के साथ होनी चाहिए। आयोग ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा जैसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कुशीनगर मामले में भी लिया संज्ञान
इससे पहले, आयोग ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की एक किशोरी की क्रूर हत्या से संबंधित खबरों का स्वतः संज्ञान लिया। किशोरी का क्षत-विक्षत और सिर कटा हुआ शव कथित तौर पर लखनऊ के एक स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे में मिला था। आयोग ने एक बयान में कहा कि खबरों में घटना के पीछे संभावित 'झूठी शान के लिए हत्या' या 'घृणा अपराध' का संदेह जताया गया है।
