निजी संपत्ति में नमाज अदा करने में दखल ना दे बदायूं जिला प्रशासन: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बदायूं प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह एक निजी संपत्ति के अंदर स्थित मस्जिद में अदा की जा रही नमाज में हस्तक्षेप न करे। अदालत ने कहा कि निजी परिसर में धार्मिक सभा करने पर कानून में कोई प्रतिबंध नहीं है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बदायूं के जिला प्रशासन को एक निजी संपत्ति के भीतर स्थित एक मस्जिद में अदा की जा रही नमाज में हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश दिया है। उक्त निर्देश देते हुए न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति विवेक शरण की पीठ ने हाल में एक समन्वय पीठ द्वारा व्यक्त इस विचार से सहमति जताई कि एक निजी परिसर में धार्मिक सभा करने के खिलाफ कानून में कोई प्रतिबंध नहीं है। अदालत ने कहा, "हम समन्वय पीठ के निर्णय से सहमत हैं और प्रतिवादी अधिकारियों को याचिकाकर्ताओं के परिसर के भीतर नमाज अदा किए जाने में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं करने का निर्देश देते हैं।"

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