Nalanda Woman Harassment Case: नालंदा जिले के नूरसराय जिले में 26 मार्च को एक महिला के साथ सरेआम हुई हैवानियत की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। इस मामले में अब एक नया मोड़ भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला का गांव के किसी युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह अपने प्रेमी से मिलने के लिए गई थी। तभी गांव के कुछ लोगों ने उन्हें साथ देख लिया और युवक के साथ मारपीट की। इस दौरान कुछ मनचलों ने महिला के साथ सरेराह अश्लील हरकत की और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। इस घटना को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है।
वीडियो बनाते रहे लोग, कोई बचाने नहीं आया
घटना के दौरान सबसे हैरतअंगेज और चिंताजनक बात यह रही कि मौके पर मौजूद किसी शख्स ने महिला की मदद करने की कोशिश नहीं की, बल्कि कई लोग वीडियो बनाने में लगे रहे। इस घटना को लेकर पूरा गांव एक तरफ हो गया है। ग्रामीणों ने महिला के चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गांव के सभी लोग उससे परेशान हैं। वहीं पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ गंभीर अन्याय हुआ है और ग्रामीणों ने उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई है।पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। वहीं सदर एसडीपीओ संजय जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता से पूरी घटना की जानकारी ली और मामले की जांच तेज कर दी है। इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, इसे सामाजिक और कानूनी स्तर से निपटाना चाहिए।लड़की बोली-वह मोबाइल री-चार्ज कराने गई थी
इस बीच, पीड़ित लड़की का बयान भी आया है। लड़की का कहना है कि वह मोबाइल रीचार्ज कराने के लिए गई थी। तभी वहां लोग आ गए और बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद वहां लोग जुटना शुरू हो गए और बाद में भीड़ में शामिल ने युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की। लोगों ने युवक के साथ मारपीट की। पीड़िता ने कहा कि वह किसी तरह से खिड़की से बाहर निकली।
मामले पर पुलिस बात नहीं कर रही
पुलिस इस मामले में मीडिया से कोई बात नहीं कर रही है। गांव में पहुंचने पर ग्रामीण भी मीडिया का विरोध कर रहे हैं। जानकारी यह भी है कि महिला के खिलाफ गांव के लोग एकजुट हो गए हैं और उसे समाज से अलग कर दिया गया है। गांव की तरफ से ऐसा संदेश दिया जा रहा है कि महिला का चाल-चरित्र ठीक नहीं है। सवाल है कि घटना के पांच दिनों बाद अभी तक केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों हुई है?
