बिहार के नालंदा जिले में एक महिला के साथ सरेआम हैवानियत और रेप की कोशिश की घटना सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। इस मामले पर विपक्ष ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे "सीएम नीतीश के गृह जिले में हुई एक शर्मनाक घटना" बताया है।
राजद नेता तेजस्वी यादव (File Photo)
‘कानून व्यवस्था फेल’-नालंदा घटना पर विपक्ष का आरोप
विपक्ष ने इस घटना को मणिपुर जैसी क्रूरता की शुरुआत बताया है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि "यह घटना एक सामूहिक बलात्कार को कोशिश थी। आरोपियों ने महिला के साथ दुर्व्यवहार किया और उसके कपड़े फाड़ दिए। यह घटना बिहार में पूरी तरह से चरमरा चुकी कानून-व्यवस्था की एक डरावनी तस्वीर पेश करती है।" आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जेडीयू सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि "नीतीश कुमार का तथाकथित 'सुशासन' अपने चरम पर है!"
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी नालंदा की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो सरकार के सुशासन के दावे पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हो रही ऐसी घटनाओं से सरकार के महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के दावे खोखले नजर आते हैं।
बिहार में जंगलराज, महिलाएं नहीं सुरक्षित - कांग्रेस
बिहार कांग्रेस ने भी एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए इस घटना की तुलना मणिपुर से की और कहा कि नालंदा का मामला भी क्रूरता के ऐसे ही पैटर्न दिखाता है। पार्टी ने कहा कि "BJP के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही, बिहार में नीतीश कुमार के गृह जिले से मणिपुर जैसी क्रूरता की शुरुआत हो चुकी है!" कांग्रेस ने आगे कहा, "यह घटना समाज पर एक कलंक है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह घटना दिखाती है कि बिहार में पूरी तरह से 'जंगल राज' कायम है और महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।" कांग्रेस ने अपना हमला तेज करते हुए सत्ताधारी गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "बीजेपी-जेडीयू सरकार लगातार अपराधियों को संरक्षण देती रही है, जिसकी वजह से अब वे खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।"
26 मार्च को महिला ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस के अनुसार महिला ने 26 मार्च को इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर दो आरोपियों अशोक यादव और मतलू महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि वीडियो में नजर आ रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
