बॉलीवुड फिल्म 3 इडियट्स में एक डायलॉग था, पनीर तो बेटा कुछ दिनो में इत्ती-इत्ती थैलियों में सोनार की दुकान (Jewellery Shop) पे बिकेगी। यह फिल्मी डायलॉग कभी सच होगा या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन देहरादून से मसूरी का सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा करने का सपना जरूर सच होने वाला है। जी हां, अभी पहाड़ की आड़ी-टेड़ी, सर्पीली सी सड़कों से होते हुए और जाम में फंसते हुए देहरादून-मसूरी सफर जो एक से डेढ़ घंटे में पूरा होता है, वह जल्द ही 20 मिनट में पूरा हो जाएगा।
मसूरी और देहरादून के बीच चलेगी केबल कार (फोटो - AI Image)
जल्द ही पर्यटक देहरादून और मसूरी के बीच के सफर को मात्र 20 मिनट में पूरा कर पाएंगे। और यह होगा स्टेट ऑफ द आर्ट रोपवे के बन जाने से। इसे मसूरी स्काई कार के नाम से भी जाना जाएगा और यह दक्षिण एशिया में सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे होगा। इस रोपवे के बन जाने से यात्रियों की मसूरी की सड़कों पर जाम में फंसने की परेशानी तोदेहरादून में ही खत्म हो जाएगी। इस रोपवे में कई खासियतें होंगी, चलिए कुछ के बारे में जानते हैं -
घंटों का सफर मिनटों में
देहरादून से मसूरी की दूरी करीब 34 किमी है और इस सफर में आमतौर पर एक से डेढ़ घंटा ही लगता है। लेकिन कई बार जाम लगने की वजह से यहां घंटों बर्बाद हो जाते हैं। इस रोपवे के शुरू हो जाने से जाम की समस्या मसूरी की वादियों में खो जाएगी और रोपवे में सफर के दौरान दून घाटी की खूबसूरती में आप भी खो ही जाएंगे। देहरादून और मसूरी के बीच 5.8 किमी की मोलो-केबल डिटैचेबल गंडोला सिस्टमलगाया जा रहा है, जो इस सफर को मात्र 20 मिनट में पूरा कर देगा।
सिर्फ 20 मिनट में देहरादून से मसूरी पहुंचेंगे (फोटो - AI Image)
आसमान से अद्भुत नजारा
देहरादून और मसूरी के बीच यह रोपवे सिर्फ यातायात का साधन मात्र नहीं होगा, बल्कि आपके लिए एक अद्भुत अनुभव होगा, जिसे आप हमेशा अपने दिल के करीब रखेंगे। 5.8 किमी लंबी यह केबल कार लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई को कवर करेगी। केबल काल से शिवालिक रैंज, दून घाटी और बादलों से अटे पहाड़ों का शानदार नजारा दिखेगा।
पर्यावरण के लिए वरदान
इस रोपवे की खास बात यह है कि पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यह रोपवे पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होगा और सालभर चलेगा। रोपवे सड़क पर चलने वालें वाहनों से होने वाले प्रदूषण का एक ईको-फ्रैंडली विकल्प होगा। मसूरी की पतली, सर्पीली सड़कों पर यात्री गाड़ियों का दबाव कम होने से यहां कार्बन इमीशन कम होगा और दोनों शहरों को जोड़ने वाला सड़क रूट अपेक्षाकृत खाली रहेगा, जो अभी सीजन में जाम से पैक हो जाता है।
देहरादून से मसूरी सड़क से जाने में 90 मिनट तक का समय लगता है
सुरक्षा का रखा जाएगा खास ध्यान
मसूरी स्काई कार को यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया जा रहा है। इस रोपवे के गंडोला में ऑटोमैटिक दरवाजों के साथ ही इनका डिजाइन भी वेदर प्रूफ होगा। इनके कैबिन में 10 यात्रियों के आराम से बैठने केलिए जगह होगी। इस रोपवे का इस्तेमान करके हर घंटे 1300 यात्री देहरादून से मसूरी और 1300 यात्री ही मसूरी से देहरादून आ सकते हैं।
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कब शुरू होगी मसूरी स्काई कार की सवारी?
देहरादून से मसूरी के बीच बन रहे रोपवे के बारे में कहा जा रहा है कि यह सितंबर 2026 में आम जनता के लिए कोल दिया जाएगा। यह सिर्फ एक ट्रांस्पोर्ट माध्यम नहीं होगा, बल्कि यह मसूरी आने वाले पर्यटकों के लिए एक टूरिस्ट अट्रैक्शन भी होगा। जब तक मसूरी स्काई कार प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता, तब तक इमैजिन करें कि कैसे आप पहाड़ों की चोटियों के ऊपर से, बादलों को चीरते हुए और सड़क के ट्रैफिक को धता बताते हुए सिर्फ 20 मिनट में देहरादून से मसूरी पहुंच रहे हैं। जब यह तैयार हो जाएगा तो फिर इस सबका अनुभव भी करें।
