Mumbai News: मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली मुंबई लोकल को आधुनिक रूप देने की बड़ी योजना पर काम किया जा रहा है। बोले तो आमची मुंबई की लोकल भी अब मॉडर्न होगी। मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) एक बार फिर से इस परियोजना के लिए टेंडर जारी करने जा रहा है। योजना है कि 2856 एसी वंदे मेट्रो कोच मुंबई के सब-अर्बन रेल नेटवर्क में जोड़े जाएंगे। इनसे 12 कोच वाली कुल 238 ट्रेनें बनेंगी। मुंबई लोकल के फेसलिफ्ट की इस योजना को भारत के सबसे बड़े शहरी परिवहन अपग्रेड प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
मुंबई मेट्रो का फेसलिफ्ट जल्द ही शुरू होगा
मुंबई लोकल का फेसलिफ्ट कब तक पूरा होगा?
मुंबई लोकल का सबअर्बन नेटवर्क को 2035 तक पूरी तरह से बदलने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना को मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP) फेज-3 और 3A के अंतर्गत लागू किया जा रहा है। इस कार्य को MRVC अंजाम देगा, जो रेलवे मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार का 51:49 का संयुक्त उद्यम है।
मुंबई लोकल के फेसलिफ्ट में कितना खर्च आएगा?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹30,000 से ₹40,000 करोड़ के बीच बताई जा रही है। इसे अगले सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना न सिर्फ कोच की आपूर्ति तक सीमित है, बल्कि इसमें वंदे मेट्रो रेक्स का प्रोक्योरमेंट, मेंटेनेंस, नए डिपो बनाना और मौजूदा सुविधाओं में बढ़ोतरी करना भी शामिल हैं।
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मुंबई मेट्रो के फेसलिफ्ट के लिए टेंडर कब जारी होंगे?
इस परियोजना के लिए टेंडर अगस्त 2025 तक जारी किए जाने की उम्मीद है। अंतिम निविदाएं मार्च 2026 तक स्वीकार की जाएंगी। सितंबर 2026 तक सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को ठेका मिलने की भी संभावना है। शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों को दो साल के भीतर प्रोटोटाइप देना होगा और कोच का उत्पादन 2028 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है।
मुंबई लोकल के कोच कौन सी कंपनी बनाएगी?
मुंबई लोकल के कोच बनाने की जिम्मेदारी BEML, टिटागढ़ रेल सिस्टम, अल्सटॉम, CAF और स्टैडलर जैसी कंपनियों को मिल सकती है। इस विशाल ऑर्डर के लिए यही कंपनियां प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं।
| प्रमुख बिंदु | विवरण | समयसीमा / आंकड़े |
| प्रोजेक्ट नाम | मुंबई लोकल ट्रेन अपग्रेड परियोजना | 2035 तक पूरा होने का लक्ष्य |
| कुल कोच | वंदे मेट्रो के 2856 एसी कोच शामिल होंगे | 238 ट्रेनें, प्रत्येक में 12 कोच |
| अनुमानित लागत | कोच आपूर्ति, डिपो निर्माण व अपग्रेडिंग | ₹30,000–₹40,000 करोड़ रुपये |
| टेंडर प्रक्रिया | अगस्त 2025 तक टेंडर जारी, मार्च 2026 तक अंतिम बोली | चयन सितंबर 2026, रोलआउट 2028 से |
| प्रमुख दावेदार कंपनियां | BEML, टिटागढ़, अल्सटॉम, CAF, स्टैडलर | प्रोटोटाइप 2 साल में देना अनिवार्य |
मुंबई लोकल में रोज कितने यात्री सफर करते हैं?
मुंबई लोकल में हर रोज 75 लाख से अधिक लोग सफर करते हैं। मुंबई जैसे व्यस्त शहर में यह परियोजना न सिर्फ तकनीकी रूप से एक बड़ा बदलाव लाएगी, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी पूरी तरह बदल देगी। ऑटोमैटिक दरवाजे, एसी कोच और बेहतर सुविधाएं मुंबई लोकल को विश्वस्तरीय बनाएंगी। यदि सब कुछ समय पर हुआ, तो 2035 तक मुंबई का उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पूरी तरह नया रूप ले चुका होगा यानी उसका फेसलिफ्ट हो चुका होगा।
मुंबई लोकल के फेसलिफ्ट से जुड़े अहम प्रश्न और उनके उत्तर
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट क्या है?
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट एक मेगा प्रोजेक्ट है, जिसके तहत मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क में 2856 एसी वंदे मेट्रो कोच जोड़े जाएंगे और ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं जैसे ऑटोमैटिक दरवाजे शामिल किए जाएंगे।
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹30,000 से ₹40,000 करोड़ के बीच है, जिसे सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट का टेंडर कब जारी होगा और पूरा प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
टेंडर अगस्त 2025 तक जारी किया जाएगा और अंतिम बोली मार्च 2026 तक जमा होगी। चयनित कंपनी को सितंबर 2026 तक ठेका मिलेगा। ट्रेनों का प्रोटोटाइप दो साल में आएगा और 2028 से रोलआउट शुरू होगा। पूरा नेटवर्क 2035 तक अपग्रेड हो जाएगा।
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं?
BEML, टिटागढ़, अल्सटॉम, CAF और स्टैडलर जैसी प्रमुख कंपनियां इस परियोजना के टेंडर के लिए दावेदार हैं।
मुंबई लोकल अपग्रेड प्रोजेक्ट में कौन-सी सुविधाएं शामिल होंगी?
इस परियोजना में वंदे मेट्रो कोच की आपूर्ति, रखरखाव, नए डिपो बनाना, मौजूदा सुविधाओं में बढ़ोतरी करन और ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
