मुंबई में अंधेरी ईस्ट के लोगों को गोखले ब्रिज के पूरी तरह से ट्रैफिक के लिए खुलने का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार है। गोखले ब्रिज शहर पूर्वी और पश्चमी हिस्से को जोड़ने वाला प्रमुख ब्रिज है। इसी साल मई में सका काम पूरा होने की उम्मीद है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार गोखले ब्रिज के दूसरे फेज का काम अच्छी स्पीड से चल रहा है।
मुंबई का गोखले ब्रिज
अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में एक स्थानीय निवासी मीनू सुखिया का जिक्र किया है। मीनू सुखिया ने हाल ही में गोखले ब्रिज के नए सेक्शन पर वॉक किया और वह इस ब्रिज का काम जल्द पूरा होने के लिए आशान्वित हैं। इस ब्रिज का काम पूरा होने के इंतजार में मुंबई के कई इलाकों के लोग हैं। इसमें अंधेरी लोखंडवाला ओशिवाड़ा सिटिजन एसोसिएशन (LOCA) और मुंबई नॉर्थ सेंट्रल डिवीजन फोरम (MNCDF) के साथ ही विधायक अमीत साटम इस ब्रज के काम को करीब से देख रहे हैं। इस ब्रिज के एक हिस्से को करीब एक साल पहले ट्रैफिक के लिए खोला गया था।
इस ब्रिज के री-कंस्ट्रक्शन की जरूरत तब बड़ी, जब जुलाई 2018 में भारी बारिश के चलते ब्रिज के फुटपाथ का एक हिस्सा गिर गया था। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। LOCA के सह-संस्थापक धवल शाह के अनुसार जो हिस्सा गिरा उसका रख-रखाव बहुत खराब था। एक जांच में पता चला कि लोहे में जंग और बहुत अधिक वजन की वजह से ब्रिज की स्थिति बिगड़ती चली गई। खतरे के बावजूद बीएमसी र वेस्टर्न रेलवे ने इसका इस्तेमाल जारी रखा। इस फैसले की बाद में सीएजी ने निंदा भी की।
गोखले ब्रिज के री-कंस्ट्रक्शन की टेंडर प्रक्रिया 2019 में शुरू हुई और M/s SMS इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 103.38 करोड़ में ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। हालांकि, ब्रिज को गिराने का काम 2020 तक शुरू नहीं हो सका। अक्टूबर 2022 में गुजरात के मोरबी में ब्रिज गिरने के बाद गोखले ब्रिज की तरफ सभी का ध्यान गया। नवंबर 2022 में ब्रिज को आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया और फिर जल्द ही इसको गिरा दिया गया। बीएमसी को ब्रिज के निर्माण में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसमें स्टील इंडस्ट्री में हड़ताल और फैब्रिकेशन फैक्टरी में बाढ़ का पानी घुस आना भी शामिल रहे।
बीएमसी को फरवरी 2024 में उस समय आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जब ब्रिज के एक हिस्से को खोला गया। यह हिस्सा बर्फीवाला फ्लाईओवर से जुड़ना था, लेकिन यह 2.8 मीटर मिसअलाइन हो गया। डिजाइन ड्राइंग का खो जाना और ऊंचाई की जरूरत में बदलाव के चलते ऐसी भारी गलती देखने को मिली। हालात को संभालने के लिए बीएमसी ने VJTI और IIT-बॉम्बे की मदद से फ्लाईओवर को उठाने का फैसला किया। इसमें 7 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आया।
ब्रिज के दूसरे हिस्से के बिना किसी समस्या के खुलने की उम्मीद है। हालांकि, यह अपने शेड्यूल से 6 महीने लेट हो चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि अप्रोच रोप पर चार स्पैन का काम अब भी पूरा नहीं हुआ है। इसमें 20 दिन का अतिरिक्त समय लगेगा। चिंता ब भी पतले फुटपाथ और जूहु सर्कल फ्लाईओवर पर चल रहे काम को लेकर है। लेकिन बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि साइट से मैटेरियल हटने के बाद सुरक्षित आवाजाही के लिए काफी जगह हो जाएगी।
