Mumbai News: मुंबई को अब और गति मिलने जा रही है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मझगांव डॉक जेट्टी पर कोस्टल रोड को बांद्रा सी लिंक से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीएमसी अंतिम चरण के तहत कोस्टल रोड को वर्ली बांद्रा सी लिंक से जोड़ने के लिए गर्डर को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। बता दें कि इस गर्डर का वजन 30 से अधिक बोइंग जेट जितना है। मालूम हो कि तटीय सड़क परियोजना बीएमसी की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा हो जाने से बांद्रा-वर्ली सी लिंक तटीय सड़क परियोजना के उत्तरी हिस्से से जुड़ जाएगा।
फाइल फोटो।
सिडनी हार्बर ब्रिज जैसा रूप
सबसे खास बात यह है कि यहां आने वाले लोगों को सिडनी जैसा नजारा दिखेगा, क्योंकि इसका डिजाइन हूबहू सिडनी हार्बर ब्रिज जैसा ही दिखता है। इसके निर्माण में विशेष तकनीकों का उपयोग किया गया है। साथ ही इस बात का पूरा ध्यान रखा गया है कि इससे मछुआरे की आजीविका प्रभावित न हो। हालांकि, पहले 60 मीटर का स्पैन था, जिसे अब बदलकर 120 मीटर कर दिया गया। इस काम में लगी कंपनी हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड ने बताया कि गर्डर लॉन्चिंग में दो दिनों का समय लगेगा।
कमाल की इंजीनियरिंग
बता दें कि इस काम में सबसे बड़ी चुनौती तय समय सीमा के तहत काम को अंजाम देना था, क्योंकि 12 महीने के भीतर ही पुल का डिजाइन और निर्माण कार्य पूरा करना था। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखना था कि वर्ली के मछुआरों को कम से कम तकलीफ पहुंचे। यह पुल बदलते भारत की तस्वीर बयां करेगा। क्योंकि इस विशाल वजनी स्पैन में कई तरह की तकनीक का प्रयोग हुआ है। इसके सबसे बड़े स्पैन का वजन 2700 मीट्रिक टन है। इसके पीछे कमाल की इंजीनियरिंग है।
इस परियोजना से मुंबई में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। अब बांद्रा से साउथ मुंबई आने के दौरान ट्रैफिक कम हो जाएगा और लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
