Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के सीनियर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) चीफ शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार वाले गुट पर सीधा जुबानी हमला बोला है। पुणे में रविवार (20 अगस्त, 2023) को पार्टी की सोशल मीडिया बैठक में उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों ने पार्टी इसलिए छोड़ दी थी, क्योंकि केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जरिए उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी।
शरद पवार और अजित पवार के बीच चाचा-भतीजे का रिश्ता है। (फाइल)
अजित का नाम लिए बगैर उन्होंने बताया कि उन लोगों का ऐसा दावा है कि वे विकास के लिए सरकार का हिस्सा का बनना चाहते थे, लेकिन यह सच नहीं है। बकौल एनसीपी मुखिया, ‘‘पूर्व में कुछ बदलाव हुए थे। हमारे कुछ सदस्य हमें छोड़ कर चले गए। वे (अजित पवार गुट) कहते हैं कि वे विकास के लिए गए, लेकिन यह बिल्कुल सच नहीं है। केंद्र ने उनके खिलाफ ईडी की जांच शुरू कराई थी और वे राकांपा छोड़ गए। कुछ सदस्यों (अजित पवार गुट के) से कहा गया था कि वे उनके (भाजपा) साथ आएं, नहीं तो उन्हें कहीं और भेज दिया जाएगा।’’
कार्यक्रम में वह आगे बोले, ‘‘हालांकि, कुछ सदस्य जांच का सामना करने को तैयार हैं। (पूर्व गृह मंत्री) अनिल देशमुख 14 महीने जेल में रहे। यहां तक देशमुख से भी कहा गया था कि वह अपनी निष्ठा बदल लें, लेकिन वह अपने (राकांपा नहीं छोड़ने के)फैसले पर अडिग रहे।’’ शरद ने यह भी बताया कि राज्य सरकार को महाराष्ट्र के आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य बेरोजगारी जैसी समस्या का सामना कर रहा है, किसान भी परेशान हैं।’’
दरअसल, अजित के नेतृत्व में एनसीपी विधायकों के एक समूह ने पिछले महीने बगावत कर की दी थी। वे महाराष्ट्र की शिवसेना- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन सरकार में शामिल हो गए थे। अजित ने जुलाई में उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जबकि उनके समर्थक आठ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी।
