Mumbai News: मुंबई के मीरा रोड में पुलिस ने 12 हज़ार करोड़ रुपये की MD (मेथिलीन डाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) ड्रग्स जब्त कर देश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मामले की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गिरफ्तार किए आरोपियों से पूछताछ में ये सनसनीखेज खुलासा हुआ कि नशे के सौदे के लिए अब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि अलग अलग मैसेंजर ऐप्स के इमोजी को सीक्रेट कोड वर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
तेलंगाना से मुंबई तक फैला हाई-टेक सिंडिकेट
पुलिस जांच में ये भी पता चला कि यह सिंडिकेट तेलंगाना की एक केमिकल फैक्ट्री से ऑपरेट हो रहा था। हाई-टेक लैब में तैयार ड्रग्स मुंबई समेत देश के बड़े शहरों और विदेशों तक भेजी जा रही थीं। फैक्ट्री मालिक, केमिकल एक्सपर्ट और पैडलर्स समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इमोजी: अब सौदेबाजी का नया सीक्रेट पासवर्ड
नशे के सौदागरों ने जांच एजेंसी को बताया कि कैसे पुलिस के रडार से बचने के लिए ड्रग्स की सौदेबाजी पूरी तरह इमोजी कोड बुक के जरिए होती थी। पुलिस ने कई कोड वर्ड्स अब डिकोड भी कर लिए हैं।मसलन,
• 💊 या 🍬 → MD ड्रग्स
• 📦 → मात्रा
• 💎 → क्वालिटी
• 💵 → कीमत
• 📍 → लोकेशन
• 🔌 → सप्लायर
यानी अगर कोई चैट में कहे —“Got 💊💎? Need 5 📦 at 💵, deliver 📍 tonight 🔌” तो इसका मतलब है: “हाई क्वालिटी MD चाहिए, 5 पैकेट, तय दाम पर आज रात सप्लाई लोकेशन पर।”
मोबाइल स्क्रीन पर चलता काला कारोबार व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और स्नैपचैट पर यह ड्रग्स नेटवर्क ऑटो-डिलीट मैसेज और अस्थायी चैट्स की मदद से काम करता था। नए ग्राहक डीलरों के खास ग्रुप में इमोजी भाषा की ट्रेनिंग लेते थे।
‘जनरेशन Z’ सबसे बड़ी शिकार
16–25 साल के युवा, खासकर छात्र, इस काले नेटवर्क के सबसे बड़े शिकार हैं। इमोजी में सौदा करना उन्हें “कूल” और गुप्त दोनों लगता है।
पुलिस की चेतावनी मीरा रोड पुलिस ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के चैट पर नजर रखें। अगर बार-बार 💊, 💵, 📍 या 🔌 दिखाई दें तो यह सामान्य बातचीत नहीं, बल्कि खतरनाक संकेत है।
12 हजार करोड़ की यह ज़ब्ती सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि उस डिजिटल अंडरवर्ल्ड का आईना है जो हमारी रोज़ की स्क्रीन पर छुपा बैठा है। पुलिस चेतावनी देती है—सावधान रहें, वरना इमोजी ही नशे की नई डिक्शनरी बन जाएंगे।
