Mumbai: कूपर अस्पताल में सुधार की पहल; BMC ने उठाए सख्त कदम, चूहों और कचरे से मिलेगा निजात

मुंबई के कूपर अस्पताल में प्रशासनिक खामियों, बायो-मेडिकल कचरे और चूहों की समस्या को लेकर गंभीर चिंताएं उठी थीं। इसके बाद मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने सक्रिय होकर खास कदम उठाए हैं। अब अस्पताल में सुरक्षा, सफाई और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई जारी है।

Mumbai Cooper Hospital Improvements: मुंबई के कूपर अस्पताल में प्रशासनिक खामियों, बायो-मेडिकल कचरे और चूहों की समस्या को लेकर उठी गंभीर चिंताओं के बाद अब मुंबई महानगरपालिका (BMC) सक्रिय हुई है। कुछ दिन पहले इस देश के सबसे बड़े और पुराने सरकारी अस्पताल "कूपर" में भर्ती एक मरीज को चूहे ने काट लिया था, जिसके बाद शहर के सरकारी अस्पतालों की खराब स्थिति और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे थे। लंबे समय से चले विवाद के बाद BMC ने अब बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में 850 लंबित फाइलें निपटाई गई हैं और 350 कार्यादेश जारी किए गए हैं, ताकि मरीजों को दवाइयां और आवश्यक सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हो सकें।

Cooper Hospital Mumbai Improvements (Symbolic Photo: Canva)

कूपर अस्पताल में सुधार की मुहिम (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

तीन सदस्यीय वरिष्ठ पर्यवेक्षकीय समिति गठित

अस्पताल के कामकाज और सेवाओं की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय वरिष्ठ पर्यवेक्षकीय समिति गठित की गई है, जिसमें डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर शरद उघड़े, डायरेक्टर (मेडिकल एजुकेशन) डॉ. नीलम अंद्राडे और नायर अस्पताल के डीन डॉ. शैलेश मोहिते शामिल हैं। बीएमसी ने अस्पताल में कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। रजिस्ट्रेशन काउंटर अब सुबह 7:30 बजे से खुलेंगे और खिड़कियों की संख्या बढ़ाकर 5 कर दी गई है ताकि मरीजों को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़े। फार्मेसी का समय भी शाम 4:30 से बढ़ाकर 7:30 बजे कर दिया गया है।

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