Mumbai News: बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर में कबूतरों को सार्वजनिक स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से दाना डालने पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नागरिकों से राय मांगी है। बीएमसी ने कहा है कि इस विषय पर उसे तीन अलग-अलग आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय लेने से पहले आम जनता की राय लेना आवश्यक है।
तीन संस्थाओं से आवेदन आने के बाद BMC का फैसला (सांकेतिक तस्वीर)
तीन संगठनों ने दिए आवेदन
बीएमसी प्रशासन को दादर कबूतर खाना ट्रस्ट बोर्ड, यास्मीन भंसाली एंड कंपनी और पशु एवं पक्षी अधिकार कार्यकर्ता पल्लवी पाटिल से आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों में यह सुझाव दिया गया है कि कबूतरों को अनियंत्रित रूप से दाना डालने की बजाय, उन्हें एक निश्चित समय पर और नियंत्रित मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए।
जनता से मांगे सुझाव
बीएमसी ने अब नागरिकों से अपील की है कि वे वेबसाइट पर दिए गए इन आवेदनों की समीक्षा करें और बताएं कि कबूतर खानों में कबूतरों को नियंत्रित तरीके से और एक निश्चित समय पर खाना दिया जाना चाहिए या नहीं और अपनी आपत्तियां या सुझाव प्रस्तुत करें। 18 अगस्त से 29 अगस्त तक लोग अपनी राय बीएमसी को भेज सकते हैं। इसके लिए बाकायदा एक ईमेल आईडी भी जारी किया गया है।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति लिखित रूप में अपनी आपत्तियां या सुझाव देना चाहता है, तो वे निर्धारित अवधि में कार्यालयी दिनों के दौरान इस निम्न पते पर जमा कर सकते हैं-
कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी,
तृतीय तल, एफ दक्षिण प्रभाग कार्यालय भवन,
डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मार्ग,
परेल, मुंबई-400012
क्या है मामला
बता दें कि अगस्त की शुरुआत में मुंबई पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर कबूतरों के लिए दाना डालने के लिए शहर का ऐसा पहला आपराधिक मामला दर्ज किया था। यह मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। कबूतरों को इस तरह से दाना खिलाना अब भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। कबूतरों की अनियंत्रित आबादी के मानव स्वास्थ्य पर पड़ते गंभीर दुष्प्रभाव को देखते हुए सार्वजनिक जगहों पर दाना डालना अपराध की श्रेणी में माना जाता है।
(इनपुट-आईएएनएस)
