मुंबई

Mumbai Crime: कम निवेश में ज्यादा रिटर्न के झांसे में फंसा डॉक्टर, ठगों ने उड़ाए 80 लाख, घर भी बिका

Mumbai Crime: मुंबई में निवेश के बदले आकर्षक रकम वापस लौटाने का वादा कर एक डॉक्टर से 80 लाख रुपये ठग लिए गए। जानिए ठग ने कैसे इतना लंबा चूना लगाया।

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डॉक्टर से ठगी

Mumbai Crime: देश की आर्थिक राजधानी मायानगरी मुंबई अपराधिक गतिविधियों से जूझ रहा है। लगातार बढ़ रहा साइबर अपराध पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बनता जा रहा है। गौर करें तो लंबे समय से ऑनलाइन ठगी का जाल बुना जा रहा है। इसी तरह का एक नया मामला सामने आया है। जहां, निवेश के बदले आकर्षक रकम वापस लौटाने का वादा कर 65 वर्षीय एक डॉक्टर से कथित तौर पर 80 लाख रुपये ठग लिए गए। इस आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

पीड़ित ने बेंच दिया घर

आरोपी की पहचान उपनगरीय कुर्ला निवासी शरियार छत्रीवाला उर्फ शोएब मेमन के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने निवेश के नाम पर छह साल में अलग-अलग समय पर पैसे लेकर नासिक निवासी डॉक्टर घनश्याम वर्मा के साथ धोखाधड़ी की। शिकायत में कहा गया है कि वर्मा ने रिश्तेदारों से पैसे भी उधार लिए और आरोपी को भुगतान करने के लिए अपना घर भी बेच दिया। अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

ऐसे लगाते हैं चूना

हाल ही नवी मुंबई से इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जिसमें ठगों ने एक शख्स को 31 लाख रुपये का बड़ा चूना लगाया था। जानकारी के मुताबिक, ठग लगातार ऐसे लोगों के संपर्क में रहते हैं, जिनको आसानी से अपने बातों पर फंसाया जा सके। लिहाजा, लोग लालच की वजह से इनके झांसे में आ जाते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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