4 Child Birth in Satara: महाराष्ट्र के सातारा स्थित क्रांतिसिंह नाना पाटील जिला सामान्य अस्पताल में मूल रूप से पुणे जिले की एक गर्भवती महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। इस दुर्लभ प्रसूति में तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। डिलीवरी के बाद मां और सभी नवजात शिशु सुरक्षित हैं। जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग के शल्यचिकित्सक डॉ. युवराज करपे ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह का जन्म अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और इसे किसी भी स्त्री के लिए पुनर्जन्म के समान अनुभव माना जाता है।
डिलीवरी सफलतापूर्वक संपन्न
जिला अस्पताल के स्त्रीरोग विभाग की टीम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डॉ. सदाशिव देसाई, डॉ. तुषार मसराम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीलम कदम और डॉ. दीपाली राठौड़ ने मिलकर यह जटिल डिलीवरी सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस डिलीवरी में काजल विकास खाकरोडिया (मूल निवासी सासवड, जिला पुणे; वर्तमान में कोरेगांव, जिला सातारा) ने शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे चार बच्चों को जन्म दिया।
कितना है नवजात बच्चों का वजन?
डिलीवरी अत्यंत जटिल था, जिसमें मां को सांस लेने में भी कठिनाई हो रही थी। स्त्रीरोग विभाग की जांच में पता चला कि गर्भाशय में चार भ्रूण हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सिजेरियन का निर्णय लिया। नवजात बच्चों का वजन लगभग 1200 से 1600 ग्राम के बीच रहा। महिला को विशेष चिकित्सा देखभाल प्रदान की गई।
पहली डिलीवरी में जुड़वा बच्चे
डॉ. सदाशिव देसाई ने बताया कि मां और सभी नवजात सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में, खासकर जिला अस्पताल में, इस प्रकार की दुर्लभ प्रसूति पहली बार हुई है। काजल के पति राजमिस्त्री हैं और परिवार कोरेगांव में रहता है। काजल का यह तीसरा डिलीवरी है; इससे पहले उनके दो डिलीवरी हुए थे, जिनमें पहले डिलीवरी में जुड़वा बच्चे थे। इस बार चार नवजातों के जन्म से माँ और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होने पर अस्पताल की स्त्रीरोग टीम भी खुश है।
