मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपलई डैम के पास कुछ दबंगों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए एक युवक को अमानवीय 'तालिबानी सजा' दे डाली। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।
युवक को खंभे से बांधकर दिए बिजली के झटके
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनियाखेड़ी के रहने वाले बैरागी समाज के एक युवक को कुछ लोगों ने मोटर चोरी के संदेह में पकड़ा था। आरोप है कि चोरी में शामिल अन्य साथियों के नाम उगलवाने के लिए दबंगों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
खंभे से बांधकर दिए बिजली के झटके
चोरी में शामिल अन्य लोगों के नाम उगलवाने के लिए दबंगों ने युवक को खेत में एक खंभे से बांध दिया और फिर उसे बिजली का करंट लगाया गया। तड़पते हुए युवक की चीखें उन जालिमों के दिल को नहीं पिघला सकीं। इस अमानवीय हरकत के दौरान दोनों युवकों की जान भी जा सकती थी।हैरान करने वाली बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर वाहवाही लूटने की कोशिश भी की।
AIMIM नेता के पोस्ट से भड़का आक्रोश
इस संवेदनशील मामले में एक नया मोड़ तब आया जब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के स्थानीय नेता हाफिज मुनीब खान ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर दिया। इसके बाद घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक रंग गहरा गया है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस बेहद संवेदनशील और खौफनाक वीडियो के जरिए राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की गई है। एक हिंदू युवक के साथ हुए इस बर्बर व्यवहार और सोशल मीडिया पर इस तरह दहशत फैलाने को लेकर हिंदू संगठनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
वीडियो वायरल, फिर भी पुलिस के हाथ खाली
इतनी बड़ी और अमानवीय वारदात के बावजूद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रायसेन की SDOP प्रतिभा शुक्ला ने बताया कि अभी तक पुलिस को इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज नहीं किया जा सका है।मानवाधिकार आयोग से गुहार:पुलिस भले ही लिखित शिकायत का इंतजार कर रही हो, लेकिन क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मानव अधिकार आयोग से तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो खुद में एक बड़ा साक्ष्य है और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।
