PM Modi Fuel Saving Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील कर चुके हैं। सरकार लगातार ईंधन की खपत कम करने और पर्यावरण बचाने की बात करती है। लेकिन मध्य प्रदेश में हाल ही में जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने इन अपीलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, राज्य में हाल ही में निगम-मंडलों के पदाधिकारियों की नियुक्तियां हुई हैं। इसके बाद अलग-अलग जिलों से कई नेता अपने समर्थकों के साथ भोपाल (Bhopal News) पहुंचे। इस दौरान कई जगह नेताओं के बड़े-बड़े काफिले देखने को मिले। सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन के काफिले की हो रही है।
पीएम मोदी की अपील के बीच नेताओं के बड़े काफिले चर्चा में
'कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नहीं रोक सकते'
भोपाल पहुंचने के दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में गाड़ियां सड़कों पर नजर आईं। लंबा काफिला शहर की कई सड़कों से होकर गुजरा, जिससे लोगों का ध्यान भी इस ओर गया। जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो नेताओं ने इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह बताया। राकेश सिंह जादौन ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं को रोका नहीं जा सकता। उनका कहना था कि समर्थक खुशी से साथ आए हैं और यह उनका प्यार दिखाने का तरीका है।
वहीं एक अन्य नेता ने कहा कि वे तो 300 गाड़ियों के साथ आने वाले थे, लेकिन सिर्फ 30 गाड़ियां लेकर आए।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरू
कुछ नेताओं का यह भी कहना था कि राजनीति में भीड़ और समर्थकों का साथ होना सामान्य बात है, इसलिए ऐसे काफिलों को पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं है। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि काफिले में शामिल कई वाहन इलेक्ट्रिक थे, जिससे ईंधन की खपत कम हुई। लेकिन इसके बावजूद इतने बड़े काफिले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि जब देश के प्रधानमंत्री खुद ईंधन बचाने की बात कर रहे हैं, तब नेताओं को भी उदाहरण पेश करना चाहिए। बड़े काफिले न केवल पेट्रोल-डीजल की खपत बढ़ाते हैं, बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ाते हैं। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। सवाल यही उठ रहा है कि क्या नेताओं को भी आम लोगों की तरह ईंधन बचाने की जिम्मेदारी नहीं निभानी चाहिए?
