Dewas News: रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए देवास जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया और ठीक एक दिन पहले, गुरुवार को कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के दो बड़े मिष्ठान भंडारों पर औचक छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान करीब 972 किलोग्राम प्रतिबंधित और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मावे से तैयार मिठाइयां जब्त की गईं। तहसीलदार कपिल गुर्जर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में हुई इस बड़ी कार्रवाई से शहर के मिष्ठान व्यवसायियों और मिलावटखोरों में हड़कंप का माहौल रहा।
जब्त की गई मिठाइयां
जोधपुर मिष्ठान भंडार सहित 2 प्रतिष्ठानों पर पड़ा छापा
देवास में खाद्य विभाग की यह कार्रवाई पिछले दो दिनों से लगातार जारी थी। संयुक्त टीम ने शहर के दो प्रमुख प्रतिष्ठानों पर दबिश दी। पहले प्रतिष्ठान से टीम ने 252 किलो मावे से बनी संदिग्ध मिठाइयां जब्त कीं, वहीं दूसरे प्रतिष्ठान 'जोधपुर मिष्ठान भंडार' से लगभग 700 किलो मावे की बनी मिठाइयां बरामद की गईं। दोनों स्थानों से कुल मिलाकर 972 किलो मावे की मिठाइयों को जब्त किया गया। इस पूरी खेप को तुरंत नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाकर पूरी तरह नष्ट कराया गया ताकि यह किसी भी स्थिति में बाजार या जनता तक न पहुंच सके।
क्यों खतरनाक था यह मावा?
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह मावा मध्य प्रदेश शासन के 12 अगस्त 2026 के सर्कुलर के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में आता है। यह नकली मावा सिंथेटिक मिल्क, ड्राइड मिल्क पाउडर, फैट, एसिड और हाइड्रोकार्बन जैसे घातक तत्वों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इस प्रकार के मिलावटी मावे के सेवन से लिवर, पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। प्रतिबंध के बावजूद इन प्रतिष्ठानों में धड़ल्ले से इस जहरीले मावे से मिठाइयां बनाकर बेची जा रही थीं।
प्रशासन की चेतावनी और आम जनता से अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके साथ ही प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि त्योहारों के मौके पर मिठाइयां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और शुद्धता की अच्छी तरह जांच-परख कर लें, ताकि उनका और उनके परिवार का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
