Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार तेज बना हुआ है और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। दिल्ली में 16 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के चलते अगले कुछ दिनों में बारिश और बढ़ने की संभावना है। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और इस साल बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। वहीं राजस्थान में कई इलाकों में बारिश हुई, लेकिन अब तक राज्य में कुल वर्षा सामान्य औसत से 12.46 फीसदी कम दर्ज की गई है। मौसम के इन बदले हालातों के बीच प्रशासन और मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
देशभर में मानसून की रफ्तार तेज
दिल्ली में 16 अगस्त तक बारिश होने का अनुमान
दिल्ली के कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई। वहीं, मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में 16 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। IMD के अनुसार, शाम 4.15 बजे तक मयूर विहार में सबसे अधिक 37 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मुंगेशपुर में 21 मिमी, पूसा में चार मिमी और नारायणा में तीन मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है और कहा है कि बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने आगे कहा, "उत्तर और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई।" इसने कहा कि अगले कुछ घंटों में दिल्ली के कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली या गरज के साथ करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 16 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली में अगस्त की औसत मासिक बारिश पहले ही पार हो चुकी है। इस महीने के शुरुआती आठ दिनों में ही शनिवार को सफदरजंग वेधशाला में 230.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। शहर के प्राथमिक मौसम विज्ञान केंद्र में अगस्त की शुरुआत से शनिवार सुबह 8.30 बजे तक 225.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच 4.4 मिमी और बारिश हुई। आईएमडी के अनुसार, 1991-2020 की जलवायु अवधि के आधार पर दिल्ली में अगस्त के महीने में होने वाली कुल औसत बारिश 226.8 मिमी है। इस लिहाज से अब तक दर्ज संचयी बारिश महीने के औसत से 3.3 मिमी अधिक है।
ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर अगले दो दिनों में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना के बीच ओडिशा के कई हिस्सों में 16 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है। IMD के भुवनेश्वर केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और इसके 12 अगस्त के आसपास निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और कटक समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बुलेटिन में कहा गया है कि दिन के दौरान राज्य के कई स्थानों पर बिजली चमकने और तेज सतही हवाओं के साथ गरज-चमक की भी संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि 12 से 15 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को 11 से 14 अगस्त के बीच ओडिशा तट के पास और उससे सटे समुद्री क्षेत्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस बीच, भुवनेश्वर और राउरकेला समेत राज्य के कई हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई। राउरकेला में भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। निचले इलाकों में जलभराव हो गया और सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बारिश के कारण राउरकेला रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन एक शेड के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है। अधिकारियों ने बताया कि भद्रक जिले में सालंदी और बैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि तिहिड़ी प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।
असम में हालात अब भी गंभीर, मृतकों की संख्या 100 पहुंची
बात अगर असम की करें तो बाढ़ की स्थिति सोमवार को भी गंभीर बनी रही। दो और लोगों की मौत के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है, जबकि सात जिलों में करीब 1.4 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की एक अधिकारी ने बताया कि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नए इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्राधिकरण के रविवार रात जारी दैनिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गोलाघाट और कार्बी आंगलोंग जिलों में बाढ़ के कारण दो लोगों की मौत हुई है। इन मौतों के साथ, इस साल बाढ़ के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। फिलहाल असम में 456 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 11,933.46 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। एएसडीएमए की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, चराईदेव, दरांग, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, नगांव और शिवसागर जिलों में 1.37 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, गोलाघाट जिला बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 70,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में लगभग 40,000 और जोरहाट में 16,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। एएसडीएमए की एक अधिकारी ने बताया कि गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी तथा श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उन्होंने कहा कि गोलाघाट जिले में धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है। एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन छह जिलों में 125 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां फिलहाल 49,061 लोगों की देखभाल की जा रही है।
राजस्थान में बारिश सामान्य से 12.46 फीसदी कम
वहीं राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई, जबकि सीकर और झालावाड़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में सीकर के नीमकाथाना में सर्वाधिक 85 मिलीमीटर बारिश हुई, जो भारी बारिश की श्रेणी में आता है। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में एक जून से 10 अगस्त तक कुल 234.02 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत बारिश 267.34 मिलीमीटर है। इस तरह राज्य में बारिश 12.46 प्रतिशत कम रही। हालांकि, राज्य में बारिश सामान्य श्रेणी में है। सामान्य बारिश की श्रेणी औसत से 19 प्रतिशत कम से लेकर 19 प्रतिशत अधिक तक मानी जाती है। मौसम विभाग ने बताया कि बाड़मेर, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, डीग, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं और फलोदी में औसत से 20 से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है जबकि अजमेर, अलवर, बालोतरा, चूरू, धौलपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, प्रतापगढ़, सलूंबर और सीकर सामान्य वर्षा हुई। विभाग का कहना है कि बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, करौली, कोटा, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक और उदयपुर कम बारिश वाली श्रेणी में हैं। इन जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य का कोई भी जिला बहुत कम बारिश या असामान्य बारिश वाली श्रेणी में नहीं है।
