पहाड़ दरके, नदियां उफनाई और मचा हाहाकार! सिक्किम से अरुणाचल तक मानसून की मार, असम में बाढ़ की चपेट में अब भी हजारों लोग

पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि असम में बाढ़ का पानी कुछ इलाकों में कम हुआ है। प्रशासन की टीमें राहत-बचाव कार्यों में जुटी हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

Monsoon 2026: मानसून का कहर अब भी बरकरार है। सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में लगातार हो रहे भूस्खलन से रिंबी और सिंगलिटाम के करीब 38 घरों पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है और प्रभावित लोगों की संख्या घटकर करीब 62 हजार रह गई है, हालांकि पांच जिले अब भी प्रभावित हैं। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और सेना के पांच जवान लापता हैं। प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं और लापता लोगों की तलाश के साथ बचाव कार्य जारी है।

Monsoon 2026

मानसून 2026: आसमान से आफत, जमीन पर दहशत!

सिक्किम में लगातार हो रहे भूस्खलन से 38 घरों पर मंडरा रहा खतरा

सिक्किम के ग्यालशिंग जिले में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण 150 से अधिक लोगों पर मंडराते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, युकसाम उप-मंडल के रिंबी-सिंगलिटाम इलाके में शुक्रवार रात से शुरू हुआ भूस्खलन अब भी जारी है, जिससे आसपास के मकानों और कृषि भूमि के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि रिंबी में करीब 30 और सिंगलिटाम में आठ घर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के प्रेस सचिव योगन तमांग ने बताया कि प्रशासन भूस्खलन की स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि खतरे की जद में आने वाले घरों की पहचान कर ली गई है और प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय तथा राहत व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने कहा, "प्रभावित सभी परिवारों की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।" स्थानीय विधायक और मंत्री टी.टी. भूटिया ने प्रभावित निवासियों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ जरूरी अन्य इंतजाम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का तकनीकी आकलन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भूस्खलन किस क्षेत्र तक फैल सकता है और इसके आगे खिसकने की संभावित दिशा क्या होगी। उन्होंने बताया कि उप-जिला अधिकारी (एसडीएम), खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और पंचायत प्रतिनिधियों समेत स्थानीय अधिकारी स्थिति का जमीनी आकलन करने में जुटे हुए हैं।

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