Monsoon 2026: आसमान से आफत, जमीन पर संकट! जम्मू-कश्मीर में बारिश से 23 मौतें, उत्तराखंड-हिमाचल और यूपी में रेड अलर्ट; जनजीवन अस्त-व्यस्त

देशभर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जम्मू-कश्मीर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है, जबकि असम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

Monsoon 2026: देशभर में मानसून का प्रकोप देखने को मिल रहा है। जम्मू कश्मीर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या सोमवार तक बढ़कर 23 हो गई, क्योंकि भारी बारिश के कारण केंद्र शासित प्रदेश में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश से बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 और 21 जुलाई को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा 20 जुलाई को उत्तराखंड, बिहार तथा असम एवं मेघालय में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय बने रहने की संभावना है।

Monsoon 2026

देशभर में मानसून का महा अलर्ट (AI फोटो)

पुंछ और राजौरी भारी बारिश जीवन बेहाल

IMD का कहना है कि, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने और उत्तर भारत में मानसूनी हवाओं के मजबूत होने से मानसून की गतिविधियां तेज हुई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां जम्मू संभाग में वर्षा संबंधी घटनाओं में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई। अधिकारियों ने बताया कि दिन की शुरुआत में पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बचाव और राहत कार्यों में रुकावट आई और सात लोग लापता हैं। मौसम बेहतर होने पर तलाश की कोशिशें तेज की गईं, लेकिन टीम अब तक लापता लोगों का पता नहीं लगा पाई हैं।

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